Bilaspur: बिलासपुर के महिला थाना के परिवार परामर्श केंद्र की अनूठी पहल…

छत्तीसगढ़ राज्य

नशे के कारण बिखर रहे परिवारों को निजात अभियान के तहत नशे से दूर रहने की वीडियो माध्यम से दी जा रही सीख। प्रति माह दर्जनों परिवार टूट कर बिखरने से बच रहे, थाने में बने वीडियो हॉल में पति-पत्नी विवाद में काउंसलिंग के साथ परिवार के महत्व वाले दिखाए जा रहे वीडियो…

बिलासपुर: लड़ाई झगड़े तो परिवार में होते हैं पर अपनो का  साथ नहीं छोड़ते इसी बात को चरितार्थ किया जा रहा है महिला थाना बिलासपुर के परिवार परामर्श केंद्र में महिला थाना प्रभारी भारती मरकाम ने बताया कि पुलिस अधीक्षक संतोष सिंह और आईयूसीयूडबल्यू प्रभारी एएसपी गरिमा द्विवेदी के निर्देशानुसार महिला थाना में टूटे हुए परिवारो का परामर्श किया जा रहा है।

पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर इसके लिए बाकायदा परिवारों को प्रोजेक्टर से लघु फिल्म के माध्यम से यह भी दिखाया जा रहा है कि, कैसे छोटी-मोटी गलतियों के कारण आपसी कलह होती है। और इसमें बच्चे पिस जाते हैं, जबकि उनकी कोई गलती नहीं होती है।

प्रायः यह देखने में आता है कि परिवारों में लड़ाई पति के नशे के आदी होने के कारण ही होता है। बिलासपुर पुलिस के निजात कार्यक्रम के माध्यम से भी उनको समझाइस दी जा है कि नशा परिवार में कलह का प्रमुख वजह है।

ऐसे परिवारों जिसमे आपसी मन मुटाव था और उन्हें महिला परिवार परामर्श केंद्र में आपसी समझाइए दी गई और परिवार के महत्व वाले वीडियो, गाने आदि दिखाए गए उसके बाद खुशी-खुशी समझौता होकर घर गए हैं।

कई बार जहां पति पत्नी में विवाद में परिजनों का रोल रहता है, पूरे परिवार को एक साथ बैठा कर वीडियो दिखाया जाता है। बहुतेरों बार ऐसे भावनात्मक फिल्मों का सकारात्मक प्रभाव पड़ता है।

बेलतरा निवासी लक्ष्मी सूर्यवंशी उम्र 28 वर्ष  अपने पति रामखिलाव सूर्यवंशी के खिलाफ शिकायत लेकर आई थी। की, शादी के 3 साल बाद से ही पति शराब पीकर मारपीट करता है। गाली गलौज करता है। लड़की हुई है, उसको लेकर मनमुटाव है।

पति का कहना था की- पत्नी अक्सर मायके जाती है। खाना बनाकर नहीं देती है। और उसको बात करने का तरीका नहीं है। दोनों को निजात कार्यक्रम के तहत काउंसलरों द्वारा काउंसलिंग में नशे से दूर रहने की समझाइस दी गई। दोनों में आपसी समझौता हुआ अब आपसी मनमुटाव नहीं करने की बात को लेकर दोनों परिवारो में आपसी रजामंदी हुई।

कुदुदंड बिलासपुर निवासी दामिनी तिग्गा का प्रेम विवाह 3 वर्ष पूर्व कोरबा निवासी निशांत कोशले से हुआ था। वह शिकायत लेकर आई थी कि पति सरकारी जॉब में है लेकिन समय नहीं देता है। दोनों को काउंसलिंग में बुलाया गया।

एक दूसरे को समझाइश दी गई कि परिवार में तालमेल जरूरी है। शक करना किसी समस्या का हल नहीं है। उनको परिवार को जोड़ने वाले वीडियो दिखाए गए। अंतत दोनों को अपनी गलती का आभास हुआ और समझौता होकर घर चले गए।

अमेरी बिलासपुर निवासी मनीषा दुबे अपनी शिकायत लेकर आई थी की, शादी के 22 साल हो गए हैं। पति अभी कुछ सालो से लड़ाई झगड़ा करता है। पिछले एक-दो सालों में उनका बिहेवियर और बदल गया है। जब दोनों को काउंसलिंग में बुलाया गया।पति को समझाइए दी गई। पति का कहना था कि आपसी नोंकझुक हो जाती है। अभी हम दोनों को अपनी गलती का एहसास हो गया है। अब आपस में समझौता होकर घर जा रहे हैं। इस तरह 22 साल और एक लंबा समय का साथ, परिवार टूटने से बच गया।

बेलगहना निवासी काजल मसीह की शादी सीपत निवासी उमेश मसीह से 2020 में हुई थी। शादी के 3 साल बाद से ही दोनों में आपसी नोक झोक हो रहा था। पति का कहना था की पत्नी अक्सर मायके जाती है। और घर से अलग रहने की जिद करती है। इसी बात को लेकर दोनों में अक्सर लड़ाई झगड़ा होता था। परिवार परामर्श केंद्र में दोनों को समझाइए दी गई। पत्नी को भी अपनी गलती का एहसास हुआ। और अब दोनों समझौता होकर घर चले गए।

मुंगेली निवासी 32 वर्षीय सीमा कुर्रे अपनी शिकायत लेकर आई थी कि उसका पति आए दिन शराब सेवन कर मारपीट करता है। काम नहीं करता, शराब पीने के लिए आए दिन पैसों की मांग करता है। दोनों में लड़ाई झगड़ा होता है। उनके 3 बच्चे भी है, दोनों को परिवार परामर्श केंद्र के काउंसलिंग में रखा गया। आपसी समझाइए दी गई।

पति को निजात के तहत कई बार  थाना स्टाफ द्वारा समझाया गया। पति को अपनी गलती का एहसास हुआ। अब से शराब नहीं पीना का वायदा कर आपस में हंसी-खुशी रहने की कसम को लेकर दोनों घर गए।