हेलमेट के उपयोग को सामाजिक जिम्मेदारी के रूप में दें बढ़ावा-वित्त मंत्री श्री ओ.पी.चौधरी

छत्तीसगढ़ राज्य

रायगढ़ पुलिस के हेलमेट वितरण कार्यक्रम में शामिल हुए वित्त मंत्री

ट्रैफिक नियमों की जागरूकता के लिए रायगढ़ जिला पुलिस चला रहा यातायात सुरक्षा अभियान

रायपुर, यातायात जागरूकता को लेकर रायगढ़ जिला पुलिस द्वारा चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत हेलमेट वितरण कार्यक्रम में विशेष रूप से शामिल हुए प्रदेश के वित्त मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी ने हेलमेट के उपयोग को सामाजिक जिम्मेदारी के रूप में बढ़ावा देने की बात कही है।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए श्री ओ.पी. चौधरी ने कहा कि सड़क में दोपहिया चलाते हुए हेलमेट का उपयोग किए जाने का महत्व हम सभी को पता है। सड़क दुर्घटनाओं में बिना हेलमेट के गाड़ी चलाना लोगों के जान जाने का बड़ा कारण है। लेकिन अधिकांश लोग लापरवाही बरतते हुए इसको नजरअंदाज कर देते हैं। जब तक स्वयं पर विपदा नहीं आती तब तक मामले की गंभीरता नहीं समझने की प्रवृत्ति छोडऩी चाहिए। परिवार में किसी की भी असमय मृत्यु से पूरा परिवार बुरी तरह से प्रभावित होता है। उन्होंने आमजनों से अपील करते हुए कहा कि अपनी सुरक्षा और अपने परिवार, समाज और देश के प्रति अपनी जिम्मेदारी को समझे, गाड़ी चलाते समय हेलमेट जरूर पहने। ट्रैफिक नियमों का पालन जरूर करें। उन्होंने रायगढ़ पुलिस द्वारा चलाए जा रहे इस अभियान की सराहना की और प्रदेशवासियों से अपील की है कि यातायात के नियमों का पालन करके जिम्मेदार नागरिक के रूप में सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने में योगदान दें।

रायगढ़ जिला पुलिस द्वारा चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत सड़क दुर्घटनाओं में मृत्यु दर को कम करने तथा लोगों को हेलमेट के प्रति जागरूक करने के लिए नियमानुसार चालानी कार्यवाही करते हुए हेलमेट का वितरण किया जा रहा है। रायगढ़ जिला पुलिस द्वारा अभियान के दौरान पांच हजार से अधिक व्यक्तियों को हेलमेट वितरण करने का लक्ष्य रखा गया है। इस कार्य में जिले के उद्योगों एवं सामाजिक संगठनों का सहयोग प्राप्त हो रहा है।

वित्त मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी ने बिना हेलमेट के चल रहे दो पहिया चालकों को समझाइश के साथ हेलमेट का वितरण किया। इस दौरान सभी से सुरक्षित यातायात के लिए हेलमेट पहनने की अपील की गई। कार्यक्रम में कलेक्टर श्री कार्तिकेय गोयल, पुलिस अधीक्षक श्री दिव्यांग कुमार पटेल सहित स्थानीय जनप्रतिनिधि, स्वयंसेवी संस्थाओं के सदस्य और आम नागरिक शामिल हुए।