- बड़ी बढ़ोतरी: सरकारी तेल कंपनियों ने कॉमर्शियल गैस सिलेंडर की कीमतों में ₹218 तक का इजाफा किया है।
- नियमों में बदलाव: आज से रेल टिकट रिफंड और नेशनल हाईवे पर टोल टैक्स की नई दरें प्रभावी हो गई हैं।
- सैलरी पर वार: नए नियमों के चलते नौकरीपेशा लोगों की इनहैंड सैलरी में कटौती देखने को मिल सकती है।
1 April New Rules Changes , नई दिल्ली — वित्त वर्ष 2026-27 के पहले ही दिन महंगाई ने फ्रंट फुट पर आकर बैटिंग शुरू कर दी है। सरकारी तेल कंपनियों ने आज सुबह कॉमर्शियल एलपीजी सिलेंडर के दामों में ₹218 तक की भारी बढ़ोतरी कर दी। यह फैसला रेस्टोरेंट, होटल और छोटे व्यापारियों के बजट को सीधा हिट करेगा। सिर्फ रसोई ही नहीं, बल्कि आज से रेल यात्रा से लेकर सड़क पर चलने तक के 15 बड़े नियम बदल गए हैं।
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1 अप्रैल से लागू हुए ये बदलाव आपके मंथली बजट का ‘स्कोरकार्ड’ बिगाड़ सकते हैं। सरकार ने कई सेक्टरों में नए नियमों को हरी झंडी दिखा दी है।
- गैस सिलेंडर: कॉमर्शियल सिलेंडर के दाम ₹218 बढ़ने से बाहर खाना महंगा होना तय है। घरेलू गैस की कीमतों में फिलहाल बदलाव नहीं है।
- रेलवे और टोल: रेल टिकट कैंसिल कराने पर रिफंड के नियम अब और सख्त हो गए हैं। साथ ही, नेशनल हाईवे पर टोल प्लाजा की दरों में 5-10% की वृद्धि की गई है।
- सैलरी स्ट्रक्चर: नए टैक्स और पीएफ नियमों के कारण कर्मचारियों की टेक-होम सैलरी (In-hand Salary) में कमी आने के आसार हैं।
कंपनियों ने इस बढ़ोतरी के पीछे अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों और सप्लाई चेन में आए ‘फाउल’ को जिम्मेदार ठहराया है। मिडिल क्लास के लिए यह किसी ‘क्लीन बोल्ड’ होने जैसा झटका है।
“नया वित्त वर्ष हमेशा नई चुनौतियां लेकर आता है। कॉमर्शियल गैस की कीमतों में यह उछाल इनपुट कॉस्ट बढ़ाएगा। हम कोशिश कर रहे हैं कि आम जनता पर इसका बोझ कम से कम पड़े, लेकिन टोल और टैक्स के बढ़े दाम सीधे जेब पर असर डालेंगे।”
— वित्तीय विश्लेषक, नई दिल्ली



