रायगढ़ छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में औद्योगिक हादसों का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। औद्योगिक सुरक्षा विभाग द्वारा जारी आंकड़ों ने स्थिति की गंभीरता को उजागर कर दिया है। रिपोर्ट के मुताबिक, पिछले तीन वर्षों में जिले के विभिन्न उद्योगों में हुए हादसों में 55 मजदूरों की मौत हो चुकी है, जबकि 63 मजदूर गंभीर और सामान्य रूप से घायल हुए हैं।
जिन उद्योगों में हादसे सामने आए हैं, उनमें एनआर इस्पात, रायगढ़ इस्पात, एमएसपी स्टील एंड पावर लिमिटेड, एनआरवीएश स्पंज प्लांट, जिंदल स्टील एंड पावर प्लांट, सिंघल स्पंज प्लांट, बीएस स्पंज प्राइवेट लिमिटेड, नवदुर्गा फ्युल प्राइवेट लिमिटेड और शारदा एनर्जी प्राइवेट लिमिटेड समेत कई बड़े औद्योगिक संयंत्र शामिल हैं।
छत्तीसगढ़ में बुनियादी ढांचे के विकास और आवास निर्माण को गति देने के लिए एम.ओ.यू. पर हस्ताक्षर.
औद्योगिक सुरक्षा विभाग की जांच में सामने आया है कि अधिकांश हादसे सुरक्षा मानकों की अनदेखी के कारण हुए। कई मामलों में मजदूरों को पर्याप्त सुरक्षा उपकरण नहीं दिए गए थे, वहीं मशीनों के रखरखाव में भी गंभीर लापरवाही पाई गई।
लगातार हो रहे हादसों से मजदूरों और उनके परिजनों में भय और आक्रोश का माहौल है। मजदूर संगठनों ने दोषी उद्योग प्रबंधन के खिलाफ सख्त कार्रवाई और सुरक्षा नियमों के कड़ाई से पालन की मांग की है।
प्रशासन की ओर से कहा गया है कि औद्योगिक इकाइयों में सुरक्षा ऑडिट तेज किया जाएगा और नियमों का उल्लंघन करने वाले उद्योगों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।


