सोमनाथ (गुजरात)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुजरात के पवित्र सोमनाथ मंदिर पहुंचकर ऐतिहासिक और सांस्कृतिक विरासत को लेकर बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि एक हजार साल पहले आतताई यह सोच रहे थे कि वे जीत गए हैं, लेकिन आज भी सोमनाथ मंदिर पर फहरा रही ध्वजा यह बता रही है कि हिंदुस्तान की शक्ति क्या है।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि सोमनाथ को तोड़ने वाले लोग इतिहास के पन्नों में सिमट कर रह गए हैं, जबकि भारत की आस्था, संस्कृति और परंपरा आज भी जीवित है। उन्होंने इसे सनातन संस्कृति की अमरता का प्रतीक बताया।
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पीएम मोदी ने दुख जताते हुए कहा कि दुर्भाग्य से देश में आज भी ऐसी ताकतें मौजूद हैं, जो मंदिरों के पुनर्निर्माण का विरोध करती हैं। उन्होंने कहा कि सोमनाथ मंदिर सिर्फ एक धार्मिक स्थल नहीं, बल्कि भारत की आत्मा, स्वाभिमान और संघर्ष का प्रतीक है।
प्रधानमंत्री के इस बयान को देश की सांस्कृतिक चेतना और ऐतिहासिक गौरव से जोड़कर देखा जा रहा है। उनके संबोधन के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु और संत-महात्मा मौजूद रहे।


