जगदलपुर।’ भारत सरकार के कानून एवं न्याय मंत्रालय द्वारा संचालित डिजिटल इंडिया की महत्वाकांक्षी पहल सीएससी टेली-लॉ योजना अब बस्तर संभाग के दूरस्थ और आदिवासी बाहुल्य गांवों तक पहुंच चुकी है। इस योजना के विस्तार से बस्तर जैसे संवेदनशील क्षेत्रों में रहने वाले नागरिकों के लिए न्याय प्राप्त करना अब पहले से कहीं अधिक सरल और सुगम हो गया है।
योजना का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण और दूरदराज़ क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को कानूनी सलाह के लिए जिला मुख्यालय या बड़े शहरों की दौड़ से मुक्त करना है। अब ग्रामीण नागरिक अपने ही गांव के नजदीकी कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) पर जाकर देश के अनुभवी वकीलों से सीधे संवाद कर सकेंगे।
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इस अत्याधुनिक सुविधा के तहत वीडियो कॉल या फोन कॉल के माध्यम से कानूनी परामर्श उपलब्ध कराया जा रहा है। इससे न केवल ग्रामीणों का समय बच रहा है, बल्कि उन्हें शहर आने-जाने में होने वाले अतिरिक्त खर्च से भी राहत मिल रही है।
शासन द्वारा निर्धारित पात्र श्रेणियों—जैसे अनुसूचित जनजाति, अनुसूचित जाति, महिलाएं, दिव्यांग, वरिष्ठ नागरिक और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग—को यह कानूनी सहायता पूरी तरह निःशुल्क प्रदान की जा रही है। यह पहल ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती देने के साथ-साथ सामाजिक न्याय को सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।
स्थानीय प्रशासन और सीएससी संचालकों के सहयोग से योजना का प्रभावी क्रियान्वयन किया जा रहा है। आने वाले समय में इसके माध्यम से बस्तर के हजारों ग्रामीणों को त्वरित और भरोसेमंद कानूनी मार्गदर्शन मिलने की उम्मीद है।


