CG Breaking News , बेमेतरा। छत्तीसगढ़ के बेमेतरा जिले से धान खरीदी व्यवस्था को लेकर एक बड़ा घोटाला सामने आया है। सरदा लेंजवारा धान संग्रहण केंद्र में जांच के दौरान करीब 53 हजार क्विंटल धान के गायब होने की पुष्टि हुई है, जिसकी अनुमानित कीमत लगभग 17 करोड़ रुपये बताई जा रही है। इस गंभीर अनियमितता के बाद प्रशासन ने तत्काल कार्रवाई करते हुए संग्रहण केंद्र प्रभारी नीतीश पाठक को निलंबित कर दिया है।
Chhattisgarh News : निजी मांगों से इनकार पड़ा भारी? दुर्ग निगम कमिश्नर पर कर्मचारी के आरोप
जानकारी के अनुसार, धान खरीदी और भंडारण में गड़बड़ी की शिकायत मिलने के बाद जिला प्रशासन द्वारा जांच दल गठित किया गया था। जांच के दौरान रिकॉर्ड में दर्ज धान की मात्रा और वास्तविक भंडारण में भारी अंतर पाया गया। जब भौतिक सत्यापन किया गया तो बड़ी मात्रा में धान गायब मिला, जिससे प्रशासनिक अमले में हड़कंप मच गया।
जांच टीम की प्रारंभिक रिपोर्ट में साफ तौर पर यह सामने आया है कि धान के रखरखाव और रिकॉर्ड संधारण में गंभीर लापरवाही बरती गई। नियमों का पालन न किए जाने और जवाबदेही तय न होने के कारण इतना बड़ा नुकसान हुआ है। मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच दल ने अपनी रिपोर्ट कलेक्टर को सौंप दी है।
कलेक्टर कार्यालय से मिली जानकारी के अनुसार, यह सिर्फ प्रारंभिक जांच है और पूरे मामले की विस्तृत जांच के आदेश दिए गए हैं। धान के गायब होने के पीछे लापरवाही है या फिर सुनियोजित गड़बड़ी, इसकी भी गहराई से जांच की जाएगी। जरूरत पड़ने पर अन्य अधिकारियों और कर्मचारियों की भूमिका भी जांच के दायरे में लाई जा सकती है।
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि धान खरीदी व्यवस्था में किसी भी प्रकार की अनियमितता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी और यदि आर्थिक अनियमितता या भ्रष्टाचार सामने आता है तो एफआईआर दर्ज कर कानूनी कार्रवाई भी की जाएगी।


