पश्चिमी विक्षोभ की ‘एंट्री’ और मौसम का यू-टर्न
मौसम विभाग (IMD) के ताजा आंकड़ों ने स्पष्ट संकेत दिए हैं—मौसम का मिजाज बदलने वाला है। जनवरी अपनी अंतिम सांसें गिन रहा है, लेकिन ठंड जाने का नाम नहीं ले रही। इसका सीधा कारण नया पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) है, जो सक्रिय हो रहा है। महज एक नहीं, बल्कि दो सक्रिय मौसम तंत्र इस समय प्रभाव डाल रहे हैं। इसका सीधा असर मैदानी इलाकों और खासकर रायपुर में देखने को मिलेगा। आने वाले दिनों में बारिश की गतिविधियां तेज हो सकती हैं, जो तापमान को फिर से नीचे गिराएंगी।
क्या कहते हैं आंकड़े? (The Data Check)
मौसम वैज्ञानिक स्पष्ट हैं—यह सामान्य मौसमी बदलाव नहीं है। पश्चिमी विक्षोभ का सक्रिय होना उत्तर भारत से आ रही हवाओं की दिशा और नमी की मात्रा को बदल रहा है।
- स्थिति: आसमान में बादल छाए रहने के आसार।
- संभावना: हल्की से मध्यम बारिश।
- असर: रात के तापमान में गिरावट और ठिठुरन बढ़ेगी।
“दो सक्रिय मौसम तंत्र के साथ नए पश्चिमी विक्षोभ की एंट्री होने के आसार हैं। इससे बारिश की गतिविधि देखने को मिल सकती है।” — मौसम विभाग (स्रोत)
आगे क्या? (What This Means)
यह बारिश किसानों और आम जनता दोनों के लिए अहम है। जहां रबी की फसलों के लिए यह नमी फायदेमंद हो सकती है, वहीं बेमौसम बरसात शहरी इलाकों में जनजीवन को थोड़ा अस्त-व्यस्त कर सकती है। अगर आप अगले 2-3 दिनों में बाहर निकलने का प्लान बना रहे हैं, तो छाता और रेनकोट साथ रखना समझदारी होगी। ठंड अभी गई नहीं है, इसने बस गियर बदला है।


