हादसे का घटनाक्रम: नहाने के दौरान गहरे पानी में समाए किशोर
घटना रविवार दोपहर की है जब शिवनंदनपुर निवासी आदिल और जयनगर के अयान अपने दोस्तों के साथ घूमने के लिए मोहरा एनीकट गए थे। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, दोनों नहाने के लिए रेण नदी पर बने एनीकट में उतरे थे। नहाते समय अचानक पैर फिसलने या पानी के तेज भंवर की चपेट में आने से दोनों गहरे पानी में चले गए। साथ मौजूद दोस्तों के शोर मचाने पर स्थानीय ग्रामीण मौके पर पहुंचे, लेकिन तब तक दोनों आंखों से ओझल हो चुके थे।
देर रात तक चला सर्च ऑपरेशन, सुबह मिली सफलता
बिश्रामपुर पुलिस को सूचना मिलते ही नगर सेना की DDRF टीम शाम करीब 5 बजे मौके पर पहुंची। अंधेरा होने और एनीकट में पानी की गहराई अधिक होने के कारण रविवार रात 7 बजे ऑपरेशन रोकना पड़ा। सोमवार सुबह 6 बजे से दोबारा रेस्क्यू शुरू किया गया। करीब तीन घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद गोताखोरों ने दोनों के शवों को एनीकट के निचले हिस्से से ढूंढ निकाला। पुलिस ने शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए जिला अस्पताल भेज दिया है।
Voices from the Ground / Official Statements
“मोहरा एनीकट का यह हिस्सा पहले भी खतरनाक साबित हुआ है। हमने रविवार रात सुरक्षा घेराबंदी की थी। सुबह दोबारा सर्च ऑपरेशन शुरू कर दोनों शवों को बरामद कर लिया गया है। परिजनों को सूचित कर दिया गया है।” — प्रशांत कुमार ठाकुर, पुलिस अधीक्षक (SP), सूरजपुर
सुरक्षा के अभाव में ‘डेथ पॉइंट’ बनता मोहरा एनीकट
स्थानीय निवासियों में इस घटना को लेकर गहरा आक्रोश है। ग्रामीणों का कहना है कि इसी एनीकट पर पिछले वर्ष भी दो किशोरों की डूबने से मौत हुई थी। इसके बावजूद प्रशासन ने यहां न तो चेतावनी बोर्ड लगाए हैं और न ही किसी सुरक्षाकर्मी की तैनाती की गई है।
- खतरा: एनीकट के पास पानी का भंवर (Whirlpool) बहुत गहरा है जो अनुभवी तैराकों के लिए भी घातक है।
- सावधानी: प्रशासन ने अपील की है कि अभिभावक अपने बच्चों को बिना देखरेख के नदी या एनीकट की ओर न भेजें।
- अगला कदम: कलेक्टर एस. जयवर्धन ने घटना की जांच और भविष्य में ऐसी दुर्घटनाओं को रोकने के लिए सुरक्षा इंतजामों की समीक्षा के निर्देश दिए हैं।


