मुंबई/नई दिल्ली: भारत और फ्रांस की दोस्ती अब एक नए और ऐतिहासिक अध्याय की शुरुआत कर रही है। फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों के तीन दिवसीय (17-19 फरवरी, 2026) भारत दौरे ने न केवल वैश्विक राजनीति में हलचल मचा दी है, बल्कि पड़ोसी देश पाकिस्तान की नींद भी उड़ा दी है। मुंबई की सड़कों पर जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति मैक्रों एक ही कार में सवार होकर निकले, तो यह तस्वीर दुनिया भर में भारत की बढ़ती ताकत का प्रतीक बन गई।
सोशल मीडिया पर मैक्रों का ‘जय हो’ धमाका
राष्ट्रपति मैक्रों ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल से प्रधानमंत्री मोदी के साथ कार के भीतर की एक मुस्कुराती हुई तस्वीर साझा की। इस फोटो के कैप्शन में उन्होंने हिंदी में ‘जय हो’ लिखा। देखते ही देखते यह पोस्ट वायरल हो गई। कूटनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि यह केवल एक फोटो नहीं, बल्कि फ्रांस की ओर से भारत को दिया गया वह सम्मान है, जो पाकिस्तान और चीन जैसे देशों के लिए किसी बड़े झटके से कम नहीं है।
3.25 लाख करोड़ की ‘मेगा’ डिफेंस डील
इस दौरे की सबसे बड़ी उपलब्धि रक्षा क्षेत्र में होने वाले समझौते हैं। भारत और फ्रांस के बीच करीब 3.25 लाख करोड़ रुपये का रक्षा सौदा अंतिम चरण में है, जिसमें 114 राफेल फाइटर जेट (MRFA प्रोग्राम) की खरीद शामिल है।
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मेक इन इंडिया: इस डील की खासियत यह है कि 90 से ज्यादा विमानों का निर्माण भारत में ही किया जाएगा।
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रणनीतिक मजबूती: ये विमान भारतीय वायुसेना की मारक क्षमता को दुश्मन देशों (पाकिस्तान और चीन) के मुकाबले कई गुना बढ़ा देंगे।
पाकिस्तान में मातम, शाहबाज-मुनीर परेशान
भारत और फ्रांस की इस बढ़ती नजदीकी ने इस्लामाबाद में हड़कंप मचा दिया है। रक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि 114 नए राफेल विमानों की खबर सुनते ही पाकिस्तानी प्रधानमंत्री शाहबाज शरीफ और आर्मी चीफ जनरल असीम मुनीर के माथे पर चिंता की लकीरें साफ देखी जा सकती हैं। कंगाली के दौर से गुजर रहे पाकिस्तान के लिए भारत की इस सैन्य ताकत का मुकाबला करना नामुमकिन नजर आ रहा है।
दोनों देशों के बीच हुए मुख्य समझौते:
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डिफेंस: 114 राफेल जेट और स्कॉर्पीन पनडुब्बियों पर बड़ी सहमति।
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स्पेस और AI: अंतरिक्ष अनुसंधान और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) में साझा प्रोजेक्ट्स।
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टेक्नोलॉजी: कर्नाटक में टाटा और एयरबस की हेलीकॉप्टर असेंबली लाइन का उद्घाटन।


