टी20 वर्ल्ड कप विवाद— बांग्लादेश क्रिकेट में उस समय भूचाल आ गया जब सीनियर असिस्टेंट कोच मोहम्मद सलाहुद्दीन ने पूर्व खेल सलाहकार आसिफ नजरुल पर तीखा हमला बोला। सलाहुद्दीन ने आरोप लगाया कि भारत में होने वाले टी20 विश्व कप 2026 से हटने के फैसले ने युवा खिलाड़ियों के सपनों को “चकनाचूर” कर दिया है। कोच ने यह भी खुलासा किया कि टूर्नामेंट से बाहर होने के सदमे के कारण उनके दो खिलाड़ी पांच दिनों तक “मानसिक कोमा” जैसी स्थिति में चले गए थे।
टी20 वर्ल्ड कप विवाद: ‘मेरे खिलाड़ी कोमा में थे’, कोच सलाहुद्दीन का आसिफ नजरुल पर तीखा हमला

“सपनों का कत्ल हुआ”: कोच का छलका दर्द
23 फरवरी से शुरू होने वाली बांग्लादेश क्रिकेट लीग (BCL) से पहले पत्रकारों से बात करते हुए सलाहुद्दीन बेहद भावुक नजर आए। उन्होंने कहा कि एक खिलाड़ी के लिए विश्व कप खेलना 20-27 साल की कड़ी मेहनत का परिणाम होता है, जिसे एक प्रशासनिक फैसले ने पल भर में खत्म कर दिया।
सलाहुद्दीन ने कहा, “जब कोई खिलाड़ी विश्व कप खेलने जाता है, तो वह अपना सपना साथ लेकर जाता है। आपने उस सपने को एक पल में तोड़ दिया। अगर यह फैसला राष्ट्रीय कारणों से लिया गया होता, तो खिलाड़ी बलिदान दे देते, लेकिन यहां मामला व्यक्तिगत नुकसान और गलत बयानी का है।”
आसिफ नजरुल के “झूठ” पर साधा निशाना
कोच ने विशेष रूप से आसिफ नजरुल के बदलते बयानों की आलोचना की। शुरुआत में नजरुल ने कहा था कि भारत में न खेलने का फैसला बांग्लादेश सरकार का था। हालांकि, बाद में उन्होंने अपने बयान से पलटते हुए दावा किया कि यह फैसला बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड (BCB) और खिलाड़ियों का सामूहिक निर्णय था।
सलाहुद्दीन ने इस पर कड़ी आपत्ति जताते हुए कहा:
“उन्होंने इतना खुला झूठ बोला। मैं खुद एक शिक्षक हूं और ढाका विश्वविद्यालय के एक शिक्षक से इस तरह के सफेद झूठ की उम्मीद नहीं की जा सकती। उन्होंने लड़कों के सामने जाने लायक जगह नहीं छोड़ी। पहले कुछ और कहना और फिर पूरी तरह पलट जाना, हम इसे स्वीकार नहीं कर सकते।”
— मोहम्मद सलाहुद्दीन, सीनियर असिस्टेंट कोच, बांग्लादेश
क्या था पूरा विवाद?
गौरतलब है कि बांग्लादेश ने सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए भारत में अपने टी20 विश्व कप मैच खेलने से मना कर दिया था और मैचों को श्रीलंका शिफ्ट करने की मांग की थी। ICC ने इस मांग को खारिज कर दिया, जिसके बाद बांग्लादेश टूर्नामेंट से बाहर हो गया और उनकी जगह स्कॉटलैंड को शामिल किया गया। यह इतिहास में पहली बार है कि बांग्लादेश की मेंस टीम टी20 विश्व कप में भाग नहीं ले पाई है।
वर्तमान में, बांग्लादेश में सत्ता परिवर्तन के बाद नए खेल मंत्री अमीनुल हक ने भारत के साथ क्रिकेट संबंधों को फिर से सुधारने के संकेत दिए हैं, लेकिन खिलाड़ियों के मन में इस चूक का मलाल अभी भी बरकरार है।


