Hum Vatan News
  • होम
  • छत्तीसगढ़
  • देश – विदेश
  • उद्योग
  • खेल
  • मनोरंजन
  • लाइफस्टाइल
  • अन्य
Reading: Religious Conversion Case : बड़ा फैसला, धार्मिक प्रतीकों से नहीं साबित होता धर्मांतरण
Font ResizerAa
Hum Vatan NewsHum Vatan News
  • होम
  • छत्तीसगढ़
  • देश – विदेश
  • उद्योग
  • खेल
  • मनोरंजन
  • लाइफस्टाइल
  • अन्य
Search
  • होम
  • छत्तीसगढ़
  • देश – विदेश
  • उद्योग
  • खेल
  • मनोरंजन
  • लाइफस्टाइल
  • अन्य
Have an existing account? Sign In
Follow US
© Foxiz News Network. Ruby Design Company. All Rights Reserved.

Home » Religious Conversion Case : बड़ा फैसला, धार्मिक प्रतीकों से नहीं साबित होता धर्मांतरण

Featuredदेश - विदेश

Religious Conversion Case : बड़ा फैसला, धार्मिक प्रतीकों से नहीं साबित होता धर्मांतरण

Hum Vatan News
Last updated: March 7, 2026 1:01 PM
By
Hum Vatan News
Share
SHARE
× Popup Image

religious conversion case नागपुर। क्या किसी व्यक्ति के घर में ईसा मसीह की मूर्ति या क्रॉस मिलने का मतलब यह है कि उसने हिंदू धर्म छोड़कर ईसाई धर्म अपना लिया है? इस सवाल पर बॉम्बे हाईकोर्ट की नागपुर बेंच ने अहम फैसला सुनाया है। अदालत ने स्पष्ट कहा है कि घर में किसी दूसरे धर्म के प्रतीक या तस्वीर होने मात्र से यह नहीं माना जा सकता कि व्यक्ति ने धर्म परिवर्तन कर लिया है।

Contents
अकोला के छात्र से जुड़ा था मामलाछात्र ने कोर्ट में दी यह दलीलहाईकोर्ट ने समिति के आदेश को किया रद्दफैसले के अहम मायने

अकोला के छात्र से जुड़ा था मामला

दरअसल यह मामला महाराष्ट्र के अकोला जिले के एक कॉलेज छात्र से जुड़ा है। छात्र ने अनुसूचित जाति (SC) प्रमाण पत्र के लिए आवेदन किया था, जिसे अकोला की जाति जांच समिति ने खारिज कर दिया था।

- Advertisement -
HTML5 Icon

समिति का तर्क था कि छात्र के घर में क्रॉस और ईसा मसीह की तस्वीरें मिली हैं। इसके साथ ही 1962 के एक स्कूल रिकॉर्ड का हवाला दिया गया, जिसमें उसके परिवार को ‘ईसाई’ बताया गया था। इसी आधार पर समिति ने निष्कर्ष निकाला कि परिवार ने ईसाई धर्म अपना लिया है, इसलिए छात्र SC स्टेटस का हकदार नहीं है।

- Advertisement -
HTML5 Icon

छात्र ने कोर्ट में दी यह दलील

छात्र ने हाईकोर्ट में याचिका दाखिल कर कहा कि उसके परिवार ने कभी भी औपचारिक रूप से धर्म परिवर्तन नहीं किया है। 1962 के स्कूल रिकॉर्ड को लेकर उसने बताया कि उस समय जातिगत भेदभाव से बचने के लिए उसके दादा ने स्कूल में खुद को ‘ईसाई’ दर्ज कराया था, लेकिन वास्तव में परिवार ने धर्म परिवर्तन नहीं किया था।

छात्र ने अपने पक्ष में कई सरकारी दस्तावेज और रिश्तेदारों के वैध SC प्रमाण पत्र भी अदालत के सामने पेश किए।

हाईकोर्ट ने समिति के आदेश को किया रद्द

न्यायमूर्ति मुकुलिका जावलकर और न्यायमूर्ति नंदेश देशपांडे की खंडपीठ ने मामले की सुनवाई करते हुए जाति जांच समिति के तर्कों को ‘निराधार और त्रुटिपूर्ण’ बताया। अदालत ने समिति के आदेश को रद्द कर प्रशासन को तुरंत छात्र को SC प्रमाण पत्र जारी करने का निर्देश दिया।

फैसले के अहम मायने

इस फैसले के कई महत्वपूर्ण कानूनी और सामाजिक पहलू सामने आए हैं:

  • ठोस सबूत जरूरी: अदालत ने कहा कि धर्म परिवर्तन साबित करने के लिए बपतिस्मा जैसे धार्मिक अनुष्ठान या उसके आधिकारिक दस्तावेज जरूरी होते हैं।

  • संवैधानिक अधिकारों की सुरक्षा: केवल संदेह या पुराने रिकॉर्ड के आधार पर किसी व्यक्ति से उसके जातिगत अधिकार नहीं छीने जा सकते।

  • निजी आस्था की स्वतंत्रता: भारत में हर व्यक्ति को अपने घर में किसी भी धर्म के प्रतीक रखने की स्वतंत्रता है, इसे धर्म परिवर्तन का प्रमाण नहीं माना जा सकता।

 

 

 

Share This Article
Facebook Whatsapp Whatsapp Telegram Copy Link Print
Advertisement Carousel

Latest Post

बहनों का मान, विष्णु भैया का सम्मान—महिलाओं के सशक्तिकरण से समृद्ध छत्तीसगढ़ महान”…‘बिहान’ से मिला आर्थिक संबल, मक्का उत्पादन ने माया विश्वास को बनाया ‘लखपति दीदी’.
अन्य छत्तीसगढ़ देश - विदेश
मुख्यमंत्री श्री साय 25 अगस्त को महतारी वंदन योजना के 31वीं किस्त की राशि करेंगे जारी
अन्य छत्तीसगढ़ देश - विदेश
श्रमिक परिवारों के बच्चों को मिल रही उत्कृष्ट शिक्षा, उनके सपनों को पंख देना हमारी प्राथमिकता : मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय.
अन्य छत्तीसगढ़ देश - विदेश
CG Rape Case : नौकरी का झांसा देकर महिला से गैंगरेप का आरोप, पुलिस ने शुरू की जांच
Featured छत्तीसगढ़
वंधामा हत्याकांड पर J&K SIA की बड़ी कार्रवाई, 28 साल बाद दोबारा शुरू हुई जांच
Featured देश - विदेश
CG BREAKING : शावक के साथ घूम रही शेरनी ने युवक को बनाया निशाना, मौत के बाद इलाके में दहशत
Featured छत्तीसगढ़
सर्वाइकल कैंसर से बचाव की पहल तेज, छत्तीसगढ़ में किशोरियों को मिलेगी HPV वैक्सीन
Featured छत्तीसगढ़
CG Paper Leak : पेपर लीक का अनोखा तरीका आया सामने, सुई से खोला लिफाफा और 11 हजार में किया सौदा
Featured छत्तीसगढ़

You Might Also Like Related

Featuredछत्तीसगढ़

पुलिसकर्मी के प्रमोशन पर High Court’ का बड़ा आदेश, मामूली सजा से नहीं छीना जा सकता हक

By
Hum Vatan News
3 Min Read
Featuredinternational

New Zealand Social Media Ban : बच्चों के सोशल मीडिया इस्तेमाल पर लगेगी रोक, 16 साल की उम्र होगी न्यूनतम सीमा

By
Hum Vatan News
4 Min Read
Featuredमनोरंजन

Asim Riaz on Himanshi Khurana : हिमांशी के बयान पर आसिम का पलटवार, बोले- ‘कभी धर्म बदलने को नहीं कहा’

By
Hum Vatan News
4 Min Read
Previous Next
Hum Vatan News

Categories

  • होम
  • छत्तीसगढ़
  • देश – विदेश
  • उद्योग
  • खेल
  • मनोरंजन
  • लाइफस्टाइल
  • अन्य

Follow for More

Quick Links

  • Privacy Policy
  • Contact
  • Disclaimer
  • Terms and Conditions
August 2026
M T W T F S S
 12
3456789
10111213141516
17181920212223
24252627282930
31  
« Jul    

Hum Vatan News. Nimble Technology Design Company. All Rights Reserved.

Welcome Back!

Sign in to your account

Username or Email Address
Password

Lost your password?