शॉर्ट सर्किट के बाद भड़की आग, केमिकल ने पकड़ी रफ्तार
शुरुआती जानकारी के अनुसार, दोपहर करीब 11 बजे फैक्ट्री में काम चल रहा था, तभी अचानक शॉर्ट सर्किट के कारण चिंगारी उठी। फैक्ट्री में भारी मात्रा में गुलाल बनाने का केमिकल और ज्वलनशील पदार्थ मौजूद था, जिससे आग ने मिनटों में विकराल रूप धारण कर लिया। धुआं और लपटें उठते ही अंदर चीख-पुकार मच गई। मजदूरों ने बाहर भागने की कोशिश की, लेकिन मेन गेट पर कुंडी लगी थी।
दीवार तोड़कर निकाले गए मजदूर, 5 की गई जान
आसपास के लोगों ने जब फैक्ट्री से धुआं उठते देखा, तो वे मौके पर पहुंचे। बाहर से ताला लगा होने के कारण स्थानीय लोगों ने हथौड़ों से दीवार और दरवाजा तोड़कर मजदूरों को बाहर निकालने का प्रयास किया। हादसे में मरने वाली महिलाओं की पहचान पिंकी (51), गुड्डी (50), पूजा (40), और ऊषा (45) के रूप में हुई है, जबकि एक अन्य महिला की पहचान फिलहाल की जा रही है। गंभीर रूप से झुलसे 17 मजदूरों को रोहतक पीजीआई और पानीपत के अस्पतालों में रेफर किया गया है।
“फैक्ट्री में करीब 30 मजदूर थे। आग लगते ही भगदड़ मची, लेकिन गेट बंद था। हमें निकालने के लिए दीवार तोड़नी पड़ी। अगर ताला नहीं होता, तो शायद मेरी साथी जिंदा होतीं।”
— एक घायल महिला मजदूर, नागरिक अस्पताल सफीदों
“हादसे की सूचना मिलते ही प्रशासन मौके पर पहुंचा। आग पर काबू पा लिया गया है। फैक्ट्री के गेट पर बाहर से ताला लगा होने की बात सामने आई है। फैक्ट्री मालिक और मकान मालिक के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई के आदेश दिए गए हैं।”
— कुलदीप सिंह, पुलिस अधीक्षक (SP), जींद
इस हादसे के बाद सफीदों इलाके में भारी तनाव और मातम का माहौल है। डीसी मोहम्मद इमरान रजा और एसपी कुलदीप सिंह ने घटनास्थल का जायजा लिया है। फॉरेंसिक टीम (FSL) ने सबूत जुटा लिए हैं। प्रशासन अब शहर में अवैध रूप से रिहायशी इलाकों में चल रही अन्य फैक्ट्रियों की जांच करेगा। मृतकों के परिजनों ने मुआवजे और फैक्ट्री मालिक की तत्काल गिरफ्तारी की मांग को लेकर अस्पताल के बाहर प्रदर्शन किया है। आने वाले 24 घंटों तक इलाके में भारी पुलिस बल तैनात रहेगा।


