धुरंधर फिल्म— फिल्म निर्देशक आदित्य धर की नई एक्शन-थ्रिलर फिल्म ‘धुरंधर: द रिवेंज’ इन दिनों चर्चा में है। सच्ची घटनाओं पर आधारित इस फिल्म में भारतीय जांबाज अफसरों के साहस को दिखाया गया है। फिल्म के सबसे प्रभावशाली किरदारों में से एक है मेजर इकबाल, जिसका रोल अभिनेता अर्जुन रामपाल ने निभाया है। पर्दे पर उनके छोटे लेकिन दमदार रोल ने दर्शकों को झकझोर कर रख दिया है। सोशल मीडिया पर अब लोग यह जानने के लिए उत्सुक हैं कि आखिर मेजर इकबाल का असली चेहरा कौन था और उनकी कहानी क्या है।
धुरंधर फिल्म: अर्जुन रामपाल ने निभाया मेजर इकबाल का किरदार, जानें कौन था वो जांबाज अफसर जिसने देश के लिए दी शहादत

कौन थे असली मेजर इकबाल? पर्दे के पीछे की सच्चाई
फिल्म ‘धुरंधर’ में मेजर इकबाल का किरदार भारतीय सेना के उन अनाम नायकों को समर्पित है, जो खुफिया मिशन और सीमा पार ऑपरेशन्स में अपनी जान की बाजी लगा देते हैं। सूत्रों के अनुसार, अर्जुन रामपाल का यह किरदार मेजर मोइतबा मुस्तफा इकबाल (Major Moitaba Mustafa Iqbal) की वीरता से प्रेरित बताया जा रहा है। मेजर इकबाल भारतीय सेना के एक जांबाज अधिकारी थे, जिन्होंने कश्मीर घाटी में आतंकवाद विरोधी अभियानों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी।
फिल्म में दिखाया गया है कि कैसे मेजर इकबाल एक बेहद खतरनाक मिशन के दौरान दुश्मनों के घेरे में फंस जाते हैं, लेकिन आखिरी सांस तक पीछे नहीं हटते। अर्जुन रामपाल ने इस किरदार की गंभीरता को पकड़ने के लिए सेना के रिटायर्ड अधिकारियों से ट्रेनिंग ली और उनके हाव-भाव को बारीकी से समझा।
मिशन ‘धुरंधर’ और असल जिंदगी का तालमेल
फिल्म की कहानी अक्टूबर 2016 और उसके बाद के घटनाक्रमों के इर्द-गिर्द घूमती है। फिल्म में दिखाया गया मेजर इकबाल का हिस्सा केवल एक व्यक्तिगत कहानी नहीं है, बल्कि यह उन सभी अफसरों का प्रतिनिधित्व करता है जो ‘ब्लैक कैट’ कमांडो या स्पेशल फोर्सेज का हिस्सा रहकर देश की सुरक्षा करते हैं। श्रीनगर और एलओसी (LoC) के पास फिल्माए गए सीन वास्तविकता के बेहद करीब लगते हैं।
फिल्म समीक्षकों और दर्शकों की राय
“अर्जुन रामपाल ने मेजर इकबाल के रूप में जो ठहराव और तीव्रता दिखाई है, वह हाल के वर्षों में किसी भी मिलिट्री ड्रामा में दुर्लभ है। उनका बलिदान पर्दे पर देखते समय रोंगटे खड़े कर देता है।”
— आनंद कुमार, वरिष्ठ फिल्म समीक्षक
दर्शकों का कहना है कि फिल्म का यह हिस्सा उन्हें पैरा एसएफ (Para SF) के उन ऑपरेशन्स की याद दिलाता है, जिनके बारे में अक्सर जनता को पता नहीं चल पाता। सोशल मीडिया पर ‘Major Iqbal’ और ‘Dhurandhar’ लगातार ट्रेंड कर रहे हैं।
आम नागरिकों के लिए क्यों जरूरी है यह फिल्म?
यह फिल्म केवल मनोरंजन नहीं, बल्कि भारतीय रक्षा तंत्र की कार्यप्रणाली को समझने का एक जरिया भी है। जिस तरह से फिल्म में इंटेलिजेंस इनपुट और ग्राउंड जीरो पर होने वाली कार्रवाई को दिखाया गया है, वह युवाओं को सेना के प्रति प्रेरित करने वाला है। फिल्म यह संदेश देती है कि सरहद पर शांति बनाए रखने के लिए पर्दे के पीछे कई ‘मेजर इकबाल’ अपनी खुशियों की कुर्बानी देते हैं।


