सड़कों की जर्जर हालत और कृषि संकट पर गरमाएगा सदन
आज की कार्यसूची में लोक निर्माण विभाग (PWD) और कृषि विभाग से जुड़े मुद्दे प्रमुखता से शामिल हैं। विपक्ष का आरोप है कि प्रदेश के ग्रामीण और शहरी इलाकों में सड़कों की मरम्मत का काम ठप पड़ा है। ध्यानाकर्षण प्रस्ताव के जरिए विधायक जर्जर सड़कों के कारण हो रही दुर्घटनाओं और धूल से परेशान नागरिकों का मुद्दा उठाएंगे। इसके अलावा, धान खरीदी के बाद किसानों के भुगतान और आगामी खरीफ सीजन के लिए खाद-बीज की उपलब्धता पर भी मंत्रियों से जवाब मांगा जाएगा।
गृह और स्वास्थ्य विभाग पर केंद्रित रहेगा प्रश्नकाल
प्रश्नकाल के दौरान डिप्टी सीएम विजय शर्मा गृह विभाग और जेल विभाग से जुड़े जवाब देंगे। इसमें कानून व्यवस्था, अपराध के बढ़ते ग्राफ और पुलिस आधुनिकीकरण पर सवाल पूछे जाने की सूची है। वहीं, मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल स्वास्थ्य सेवाओं, अस्पतालों में डॉक्टरों की कमी और नई योजनाओं के क्रियान्वयन पर स्थिति स्पष्ट करेंगे। सदन में मंत्रियों को घेरने के लिए सत्ता पक्ष और विपक्ष दोनों ने अपनी रणनीति तैयार कर ली है।
“सदन में जनता की समस्याओं को मजबूती से रखा जाएगा। जर्जर सड़कें और कृषि मुद्दे सीधे तौर पर आम आदमी से जुड़े हैं। सरकार को इन पर ठोस समयसीमा के साथ जवाब देना होगा।”
— विपक्षी विधायक, छत्तीसगढ़ विधानसभा
विधानसभा में होने वाली इन चर्चाओं का सीधा असर राज्य के बुनियादी ढांचे और कृषि नीति पर पड़ेगा। जर्जर सड़कों पर सरकार की घोषणा के बाद सड़कों के पैच वर्क और मरम्मत कार्य में तेजी आने की उम्मीद है। वहीं कृषि मुद्दों पर चर्चा से किसानों के लिए नई सब्सिडी या राहत का रास्ता खुल सकता है। सदन की कार्यवाही शाम तक चलेगी, जिसमें अनुदान मांगों पर भी चर्चा होने की संभावना है। नागरिकों के लिए यह सत्र महत्वपूर्ण है क्योंकि अगले वित्तीय वर्ष का पूरा रोडमैप इन्हीं चर्चाओं से तय हो रहा है।


