“तेज रफ्तार बनी काल”: डीपाडीह में आमने-सामने टक्कर
हमें पता चला कि दुर्घटना दोपहर करीब 2:30 बजे हुई. दोनों बसें अपनी क्षमता से अधिक तेज गति से चल रही थीं. डीपाडीह के एक अंधे मोड़ पर, दोनों चालक वाहनों पर नियंत्रण खो बैठे और सीधे टकरा गए. जोरदार धमाके के साथ दोनों बसें आपस में भिड़ गईं. टक्कर के बाद बसों के भीतर चीख-पुकार मच गई. ग्रामीणों ने तुरंत रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया. उन्होंने खिड़कियों से घायलों को बाहर निकाला. पुलिस और एम्बुलेंस के पहुंचने से पहले ही स्थानीय लोगों ने कई जिंदगियां बचा लीं. वहां मौजूद एक ग्रामीण ने बताया कि टक्कर इतनी ज़ोरदार थी कि एक बस आंशिक रूप से खाई में गिरते-गिरते बची. घायलों को शंकरगढ़ और बलरामपुर के अस्पतालों में भर्ती कराया गया है, जहां उनका इलाज चल रहा है |
“ओवरलोडिंग और रफ्तार”: लापरवाही ने ली 20 की ‘सांस हलक’ में
प्रशासनिक सूत्रों के मुताबिक, दोनों निजी बसें ओवरलोडेड थीं और रफ्तार की सीमा का उल्लंघन कर रही थीं. शंकरगढ़ थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है. पुलिस ने बसों के कागज़ात और चालकों के लाइसेंस की जांच की है, जिसमें लापरवाही के पुख्ता सबूत मिले हैं |
2026 के इस हाई-टेक दौर में भी, पुरानी बसें और लापरवाह चालक सड़कों पर काल बनकर दौड़ रहे हैं. क्या प्रशासन अब जागेगा? क्या वे सिर्फ़ एक नोटिस जारी कर इतिश्री कर लेंगे, या वास्तव में कोई कड़े कदम उठाएंगे? यह हादसा 2026 के छत्तीसगढ़ में सुरक्षा पोल खोलता है. क्या आप भी एक लापरवाह बस चालक की गाड़ी में बैठने के लिए तैयार हैं?
“यह एक बेहद दुखद घटना है. हमारी पहली प्राथमिकता घायलों को बेहतरीन इलाज मुहैया कराना है. हादसे की उच्च-स्तरीय जांच के आदेश दे दिए गए हैं. तेज रफ्तार और ओवरलोडिंग को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. दोषी बस मालिकों पर कड़ी कार्रवाई होगी.”
— जिला प्रशासन अधिकारी, बलरामपुर



