बलौदाबाजार: छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित चिटफंड घोटाले की जांच में पुलिस ने एक बड़ी अंतरराज्यीय कामयाबी हासिल की है। वर्षों से फरार चल रहे ‘पर्ल्स एग्रोटेक कॉरपोरेशन लिमिटेड’ (PACL) कंपनी के दो बड़े डायरेक्टरों को पुलिस ने आखिरकार सलाखों के पीछे पहुँचा दिया है। इन आरोपियों को छत्तीसगढ़ पुलिस उत्तर प्रदेश की एक जेल से प्रोडक्शन वारंट पर लेकर आई है।
क्या था पूरा मामला?
PACL कंपनी पर आरोप है कि उसने निवेशकों को मोटा मुनाफा और जमीन देने का लालच देकर हजारों लोगों की गाढ़ी कमाई हड़प ली थी। इस मामले में छत्तीसगढ़ सहित देश के कई राज्यों में केस दर्ज थे। पलारी पुलिस लंबे समय से इन डायरेक्टरों की तलाश में जुटी थी, जो लंबे समय से फरार चल रहे थे। जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि आरोपी, जो पंजाब के रहने वाले हैं, उत्तर प्रदेश की एक जेल में किसी अन्य मामले में बंद हैं।
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प्रोडक्शन वारंट से मिली सफलता
बलौदाबाजार की पलारी पुलिस ने कानूनी प्रक्रिया पूरी करते हुए कोर्ट से प्रोडक्शन वारंट जारी करवाया। इसके बाद पुलिस टीम उत्तर प्रदेश पहुंची और जेल में बंद दोनों डायरेक्टरों को अपनी हिरासत में लिया। पुलिस अब आरोपियों को छत्तीसगढ़ वापस लेकर आई है, जहाँ उनसे निवेशकों के पैसे और कंपनी के संपत्ति दस्तावेजों के बारे में पूछताछ की जाएगी।
पीड़ित निवेशकों में जगी उम्मीद
PACL घोटाले के कारण छत्तीसगढ़ के हजारों परिवार प्रभावित हुए हैं, जिनका पैसा वर्षों से फंसा हुआ है। डायरेक्टरों की गिरफ्तारी के बाद अब निवेशकों को उम्मीद है कि कंपनी की संपत्ति कुर्क करने और पैसे की रिकवरी की प्रक्रिया में तेजी आएगी। पुलिस इस पूरे मामले में मनी लॉन्ड्रिंग और अन्य पहलुओं की भी गहराई से जांच कर रही है।


