Strait of Hormuz में युद्ध जैसे हालात : Donald Trump की चेतावनी- “डील नहीं की तो और तबाही होगी”
कॉपी जांच में मिली गंभीर लापरवाही
मंडल की जांच में कई उत्तरपुस्तिकाओं में अंक जोड़ने की गलती, सवालों की अधूरी जांच और मूल्यांकन मानकों का पालन नहीं करने जैसी शिकायतें सामने आईं। कुछ मामलों में छात्रों के अंक प्रभावित होने की आशंका भी जताई गई। इसके बाद माशिमं ने सख्त रुख अपनाया।
कार्रवाई की खबर फैलते ही कई मूल्यांकन केंद्रों में चर्चा शुरू हो गई। एक अधिकारी ने बताया कि इस बार कॉपी जांच प्रक्रिया की निगरानी पहले से ज्यादा कड़ी रखी गई थी। यही वजह रही कि लापरवाही जल्दी पकड़ में आ गई। कमरे में रखी कॉपियों के ढेर और लगातार चल रही जांच के बीच तनाव साफ महसूस किया जा सकता था।
छात्रों के भविष्य से समझौता नहीं
माशिमं का मानना है कि परीक्षा मूल्यांकन में छोटी गलती भी छात्रों के करियर पर असर डाल सकती है। इसी कारण इस बार चेतावनी तक सीमित रहने के बजाय सीधी कार्रवाई की गई। बोर्ड अब भविष्य में डिजिटल मॉनिटरिंग और दोहरी जांच व्यवस्था पर भी विचार कर रहा है। शिक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि इस फैसले से मूल्यांकन प्रक्रिया में जवाबदेही बढ़ेगी। कई अभिभावकों ने भी कार्रवाई का स्वागत किया है। उनका कहना है कि मेहनत करने वाले छात्रों को गलत मूल्यांकन का नुकसान नहीं होना चाहिए।


