CG News : कांकेर। छत्तीसगढ़ के कांकेर जिले में मलेरिया ने गंभीर रूप ले लिया है। बीते दो दिनों के भीतर सरकारी छात्रावासों में रहने वाले दो छात्रों की मलेरिया से मौत हो गई है। वहीं, दूसरे सरकारी हॉस्टल में रहने वाले 11 छात्रों की जांच रिपोर्ट मलेरिया पॉजिटिव आई है। लगातार सामने आ रहे मामलों के बाद स्वास्थ्य विभाग और जिला प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर आ गया है। प्रभावित छात्रावासों में विशेष स्वास्थ्य शिविर लगाए गए हैं और संक्रमण को रोकने के लिए व्यापक अभियान शुरू किया गया है।
दो दिनों में दो छात्रों की मौत से बढ़ी चिंता
जानकारी के अनुसार, सरकारी छात्रावास में रहने वाले दो छात्रों की अचानक तबीयत बिगड़ने के बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया था। उपचार के दौरान दोनों की मौत हो गई। जांच में मलेरिया संक्रमण की पुष्टि होने के बाद स्वास्थ्य विभाग ने पूरे मामले को गंभीरता से लिया।
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इन घटनाओं के बाद जिले के अन्य छात्रावासों और संवेदनशील क्षेत्रों में भी स्वास्थ्य विभाग ने निगरानी बढ़ा दी है, ताकि समय रहते अन्य संक्रमित मरीजों की पहचान की जा सके।
11 छात्रों की रिपोर्ट आई पॉजिटिव
स्वास्थ्य विभाग की टीम ने दूसरे सरकारी हॉस्टल में रहने वाले छात्रों की जांच की, जिसमें 11 छात्रों की रिपोर्ट मलेरिया पॉजिटिव मिली। सभी संक्रमित छात्रों का इलाज शुरू कर दिया गया है और उनकी स्वास्थ्य स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है।
डॉक्टरों की टीम छात्रावास में मौजूद अन्य छात्रों की भी स्क्रीनिंग कर रही है, ताकि संक्रमण को फैलने से रोका जा सके।
CMHO बोले- अचानक हुआ मलेरिया का आउटब्रेक
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) ने बताया कि जिले में अचानक मलेरिया के मामलों में वृद्धि दर्ज की गई है, जिसे अचानक हुए आउटब्रेक के रूप में देखा जा रहा है। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य विभाग की टीमें प्रभावित क्षेत्रों में लगातार सर्वे कर रही हैं और मरीजों को तत्काल उपचार उपलब्ध कराया जा रहा है।
अधिकारियों के अनुसार, छात्रावासों के आसपास साफ-सफाई, मच्छर नियंत्रण और दवा छिड़काव का काम भी तेज कर दिया गया है।
स्वास्थ्य विभाग और प्रशासन अलर्ट पर
घटनाओं के बाद जिला प्रशासन ने स्वास्थ्य विभाग को विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए हैं। प्रभावित छात्रावासों में मेडिकल टीमों की तैनाती की गई है। छात्रों की नियमित स्वास्थ्य जांच की जा रही है और जरूरत पड़ने पर उन्हें अस्पताल भेजा जा रहा है।
इसके अलावा मच्छरों के प्रजनन स्थलों को नष्ट करने, फॉगिंग कराने और लोगों को मलेरिया से बचाव के प्रति जागरूक करने का अभियान भी चलाया जा रहा है।


