PM Modi New Video: प्रधानमंत्री Narendra Modi ने Jantar Mantar Controversy को लेकर एक नया वीडियो जारी किया है। इस वीडियो में उन्होंने सीधे GenZ और युवाओं को संबोधित करते हुए कहा कि बचपन में गलतियां हो जाती हैं और गलतियों से सीखने का अवसर भी मिलना चाहिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि वह इस मामले में बच्चों को माफ करना चाहते हैं और उन्हें अदालतों के चक्कर नहीं कटवाना चाहते।
Jantar Mantar Controversy पर बोले PM Modi
प्रधानमंत्री मोदी ने वीडियो की शुरुआत में कहा कि जंतर-मंतर पर जो कुछ हुआ, उसे पूरे देश और दुनिया ने देखा। उन्होंने कहा कि कुछ शरारती बच्चों ने ऐसी अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया जो किसी भी सभ्य समाज को शोभा नहीं देती। उन्होंने कहा कि उन्हें और उनकी दिवंगत माता के खिलाफ भी आपत्तिजनक टिप्पणियां की गईं।
‘बचपन में गलतियों से सुधरने का मौका मिलता है’
PM Modi ने कहा कि बच्चों से गलतियां हो सकती हैं, लेकिन उन्हें सुधारने का अवसर देना समाज की जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि समाज में जो आक्रोश है, वह उसे समझते हैं, लेकिन गुमराह बच्चों को सजा देने के बजाय सही रास्ता दिखाना अधिक जरूरी है।
उन्होंने कहा कि इन बच्चों को अदालतों के चक्कर लगवाने या समाज में प्रताड़ित करने से हालात नहीं बदलेंगे। जरूरत उन्हें समझाने और बेहतर दिशा देने की है।
‘मैं बच्चों को माफ करना चाहता हूं’
प्रधानमंत्री ने कहा कि वह इस पूरे मामले में बच्चों को माफ करना चाहते हैं। उन्होंने समाज से भी अपील की कि बच्चों को अपनाएं और उन्हें सही मार्ग दिखाने में सहयोग करें।
उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि जैसे कभी-कभी दांतों के बीच जीभ आ जाती है और चोट लग जाती है, लेकिन हम दांत नहीं तोड़ते क्योंकि दोनों हमारे अपने हैं। उसी तरह बच्चे भी हमारे हैं और उन्हें सही दिशा देना हमारी जिम्मेदारी है।
युवाओं से की आगे बढ़ने की अपील
अपने संदेश के अंत में PM Modi ने युवाओं से देश के विकास में भागीदार बनने की अपील की। उन्होंने कहा कि गलतियों से सीखकर आगे बढ़ना चाहिए और अपने सपनों को पूरा करने के लिए मेहनत करनी चाहिए।
प्रधानमंत्री ने कहा कि देश तेजी से आगे बढ़ रहा है और युवाओं का उज्ज्वल भविष्य ही उनका सपना है। उन्होंने सभी से मिलकर भारत को और मजबूत बनाने का आह्वान किया।
एक दिन पहले भी जारी किया था Video
गौरतलब है कि इससे पहले भी PM Modi ने एक वीडियो साझा किया था, जिसमें उन्होंने संसद से पारित नए Examination Reform Bill का उल्लेख करते हुए कहा था कि यह कानून देश की परीक्षा प्रणाली को अधिक पारदर्शी और मजबूत बनाएगा।


