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Sawan 2026 : सावन में भगवान शिव को क्यों चढ़ाते हैं जल, बेलपत्र और कंदमूल? जानिए पौराणिक मान्यता और पूजा के नियम

Hum Vatan News
Last updated: August 4, 2026 10:43 AM
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Sawan Somwar 2026
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Sawan 2026 नई दिल्ली। हिंदू धर्म में सावन का महीना भगवान शिव को समर्पित माना जाता है। इस पूरे महीने शिव भक्त महादेव की विशेष पूजा-अर्चना और अभिषेक करते हैं। धार्मिक मान्यता है कि सावन में भगवान शिव की आराधना करने से जीवन में सुख-शांति आती है और भक्तों पर भोलेनाथ की कृपा बनी रहती है।

Contents
भगवान शिव को जल और बेलपत्र क्यों प्रिय हैं?सावन में शिवलिंग पर जल चढ़ाने का महत्वशिवलिंग का अभिषेक करते समय इन बातों का रखें ध्यानसावन में क्यों खास है शिव पूजा?

मान्यता है कि भगवान शिव अपने भक्तों से बहुत जल्दी प्रसन्न हो जाते हैं। महादेव को एक लोटा जल, बेलपत्र और कंदमूल अर्पित करके भी श्रद्धालु उनकी पूजा कर सकते हैं। लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि भगवान शिव को जल और बेलपत्र क्यों प्रिय माने जाते हैं? इसके पीछे समुद्र मंथन से जुड़ी एक पौराणिक कथा बताई जाती है।

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भगवान शिव को जल और बेलपत्र क्यों प्रिय हैं?

पौराणिक कथा के अनुसार, देवताओं और असुरों ने अमृत प्राप्त करने के लिए समुद्र मंथन किया था। समुद्र मंथन के दौरान सबसे पहले हलाहल नामक अत्यंत विषैला विष निकला। इसके प्रभाव से पूरी सृष्टि पर संकट मंडराने लगा।

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मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076 से देवेंद्र दिनकर के राशन कार्ड की त्रुटि हुई दूर.

सृष्टि की रक्षा के लिए भगवान शिव ने हलाहल विष का पान कर लिया। विष को अपने कंठ में धारण करने के कारण महादेव का कंठ नीला पड़ गया और उनके शरीर में तेज गर्मी तथा जलन उत्पन्न होने लगी।

मान्यता के अनुसार, भगवान शिव के शरीर की गर्मी को शांत करने के लिए देवी-देवताओं ने उन पर जल, बेलपत्र, भांग और धतूरा अर्पित किया। इससे विष के प्रभाव और शरीर की गर्मी को शांत करने में मदद मिली। तभी से भगवान शिव को जल और बेलपत्र अर्पित करने की परंपरा चली आ रही है।

सावन में शिवलिंग पर जल चढ़ाने का महत्व

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, सावन के महीने में शिवलिंग पर नियमित रूप से जल और बेलपत्र अर्पित करने से भगवान शिव की कृपा प्राप्त होती है। भक्त श्रद्धा और आस्था के साथ महादेव का अभिषेक करते हैं।

मान्यता है कि सावन में शिव पूजा करने से नकारात्मकता दूर होती है, मन को शांति मिलती है और जीवन में आने वाली परेशानियों से मुक्ति की कामना की जाती है।

शिवलिंग का अभिषेक करते समय इन बातों का रखें ध्यान

1. तांबे के पात्र का करें इस्तेमाल:
शिवलिंग का अभिषेक करते समय जल चढ़ाने के लिए तांबे के लोटे का प्रयोग करने की धार्मिक परंपरा बताई जाती है।

2. श्रद्धा के साथ करें अभिषेक:
शिवलिंग पर जल, बेलपत्र आदि अर्पित करते समय मन को शांत रखें और भगवान शिव का ध्यान करें।

3. बेलपत्र अर्पित करते समय रखें ध्यान:
बेलपत्र साफ और श्रद्धापूर्वक शिवलिंग पर अर्पित करें। धार्मिक मान्यता में बेलपत्र को भगवान शिव का प्रिय माना गया है।

4. पूजा के दौरान रखें सात्विक भाव:
सावन में शिव पूजा करते समय किसी के प्रति गलत विचार न रखने और अनावश्यक विवाद से बचने की सलाह दी जाती है।

5. मंदिर की स्वच्छता का रखें ध्यान:
पूजा स्थल और मंदिर की साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखना चाहिए। स्वच्छ वातावरण में श्रद्धा और भक्ति के साथ पूजा करना शुभ माना जाता है।

सावन में क्यों खास है शिव पूजा?

सावन को भगवान शिव की आराधना के लिए विशेष महीना माना जाता है। इस दौरान सोमवार के दिन व्रत रखने, शिवलिंग का अभिषेक करने और ‘ॐ नमः शिवाय’ मंत्र का जाप करने की परंपरा है।

हालांकि, पूजा-पद्धति और दिशाओं से जुड़े नियम अलग-अलग परंपराओं और मान्यताओं में भिन्न हो सकते हैं। इसलिए धार्मिक अनुष्ठान करते समय अपने कुलाचार या स्थानीय परंपरा का भी ध्यान रखना उचित है।

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