Ai+ Nova 2 Power— टेक ब्रांड Ai+ अपने नए स्मार्टफोन Ai+ Nova 2 Power को बाजार में उतारने से पहले एक अलग रणनीति पर काम कर रहा है। आमतौर पर कंपनियां नए फोन सीधे रिटेल स्टोर्स और ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स पर लॉन्च करती हैं, लेकिन Ai+ ने इस बार आम ग्राहकों की जेब तक पहुंचने से पहले डिवाइस की सुरक्षा और परफॉरमेंस को बाहरी जानकारों से परखवाने का फैसला किया है। कंपनी ने ‘Project Open Review 2.0’ की शुरुआत कर इस नए डिवाइस की पहली झलक दिखाई है।
Ai+ Nova 2 Power: बाज़ार में उतरने से पहले एथिकल हैकर्स और टेक एक्सपर्ट्स कर रहे नए हैंडसेट की टेस्टिंग

Project Open Review 2.0: क्या है कंपनी की रणनीति?
कंपनी इस पहल के तहत चुनिंदा टेक रिव्यूअर्स, कंटेंट क्रिएटर्स और एथिकल हैकर्स को फोन का अर्ली एक्सेस सौंप रही है। इस टेस्टिंग फेज के दौरान बाहरी एक्सपर्ट्स फोन के हार्डवेयर, बिल्ड क्वालिटी और सॉफ्टवेयर स्टेबिलिटी की गहन जांच करेंगे। स्मार्टफोन मार्केट में अपनी साख मजबूत करने और ग्राहकों का भरोसा हासिल करने के लिए Ai+ ने यह कदम उठाया है। हालांकि, व्यावसायिक गोपनीयता बनाए रखने के लिए कंपनी ने डिवाइस के कई कोर स्पेसिफिकेशन्स को अभी गुप्त रखा है।
फ्लैट फ्रेम और डुअल-टोन बैक पैनल डिज़ाइन
सामने आई तस्वीरों के मुताबिक Ai+ Nova 2 Power में आधुनिक डिज़ाइन ट्रेंड को अपनाते हुए फ्लैट फ्रेम दिया गया है। बैक पैनल पर प्रीमियम लुक देने के लिए डुअल-टोन फिनिश का इस्तेमाल हुआ है। कंपनी ने इसे दो अलग-अलग कलर ऑप्शन्स में शोकेस किया है:
- ब्लू फ्यूजन (Blue Fusion): इस वेरिएंट के पिछले हिस्से में ऊपर की तरफ हल्का नीला शेड है, जो नीचे की ओर आते-आते ऑरेंज ग्रेडिएंट में बदल जाता है।
- गोल्डन ब्लू फ्यूजन (Golden Blue Fusion): इसमें ऊपर की तरफ ब्लू और नीचे की तरफ गोल्ड टोन का कॉम्बिनेशन दिया गया है। इस मॉडल में विजुअल कंट्रास्ट बढ़ाने के लिए लाल रंग का पावर बटन लगाया गया है।
दोनों ही मॉडल में पीछे की तरफ एक बड़ा सर्कुलर कैमरा मॉड्यूल मौजूद है। इस मॉड्यूल के भीतर दो बड़े कैमरा रिंग्स, एक एलईडी फ्लैश और एक अतिरिक्त सर्कुलर सेंसर एलिमेंट दिया गया है। रियर पैनल के निचले हिस्से पर ब्रांडिंग की गई है।
Voices from the Ground / Official Statements
“एक नए ब्रांड के तौर पर बाजार में टिकने के लिए केवल दावे काफी नहीं हैं। प्रोजेक्ट ओपन रिव्यू 2.0 के जरिए हम बिक्री शुरू होने से पहले ही अपने हार्डवेयर और सॉफ्टवेयर को रियल-वर्ल्ड कंडीशंस और एथिकल हैकिंग के मानकों पर कस रहे हैं।”
एथिकल हैकर्स और रिव्यूअर्स द्वारा अर्ली एक्सेस में मिलने वाले फीडबैक के आधार पर कंपनी फाइनल कमर्शियल यूनिट्स के सॉफ्टवेयर में जरूरी पैच और ऑप्टिमाइजेशन जारी कर सकती है। इस टेस्टिंग प्रक्रिया के पूरे होने के बाद कंपनी आधिकारिक तौर पर फोन की कीमत, प्रोसेसर, बैटरी कैपेसिटी और डिस्प्ले स्पेसिफिकेशन्स का खुलासा करेगी।


