Hum Vatan News
  • होम
  • छत्तीसगढ़
  • देश – विदेश
  • उद्योग
  • खेल
  • मनोरंजन
  • लाइफस्टाइल
  • अन्य
Reading: विश्व पर्यटन सप्ताह के तहत आईजीएनटीयू के विद्यार्थियों ने जंगल, अमरावती गंगा और ‘माई का मंडप’ तक किया ट्रैकिंग अनुभव.
Font ResizerAa
Hum Vatan NewsHum Vatan News
  • होम
  • छत्तीसगढ़
  • देश – विदेश
  • उद्योग
  • खेल
  • मनोरंजन
  • लाइफस्टाइल
  • अन्य
Search
  • होम
  • छत्तीसगढ़
  • देश – विदेश
  • उद्योग
  • खेल
  • मनोरंजन
  • लाइफस्टाइल
  • अन्य
Have an existing account? Sign In
Follow US
© Foxiz News Network. Ruby Design Company. All Rights Reserved.

Home » विश्व पर्यटन सप्ताह के तहत आईजीएनटीयू के विद्यार्थियों ने जंगल, अमरावती गंगा और ‘माई का मंडप’ तक किया ट्रैकिंग अनुभव.

अन्यछत्तीसगढ़देश - विदेश

विश्व पर्यटन सप्ताह के तहत आईजीएनटीयू के विद्यार्थियों ने जंगल, अमरावती गंगा और ‘माई का मंडप’ तक किया ट्रैकिंग अनुभव.

Hum Vatan News
Last updated: September 24, 2026 6:45 PM
By
Hum Vatan News
Share
SHARE
× Popup Image

रायपुर, 24 सितंबर 2026/ विश्व पर्यटन सप्ताह 21 से 27 सितंबर के अवसर पर ग्रामीण एवं जनजातीय पर्यटन की संभावनाओं को समझने और स्थानीय संस्कृति से विद्यार्थियों को परिचित कराने के उद्देश्य से ग्राम पंचायत थाड़पथरा स्थित मडहाउस परिसर में ‘रूरल एंड ट्राइबल टूरिज्म वर्कशॉप एवं फील्ड विजिट’ का आयोजन किया गया। इंदिरा गांधी राष्ट्रीय जनजातीय विश्वविद्यालय (आईजीएनटीयू), अमरकंटक के पर्यटन प्रबंधन विभाग द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम में विभाग के 90 विद्यार्थियों ने सहभागिता की।

प्रकृति की गोद में विद्यार्थियों ने जाना पर्यटन का नया अनुभव

- Advertisement -
HTML5 Icon

कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों ने केवल पर्यटन स्थलों का भ्रमण ही नहीं किया, बल्कि थाड़पथरा के प्राकृतिक और सांस्कृतिक परिवेश को करीब से समझने का अनुभव प्राप्त किया। विद्यार्थियों ने मडहाउस परिसर से घने जंगलों और अमरावती गंगा नदी के प्राकृतिक परिवेश से होते हुए कमरापथरा मार्ग से ‘माई का मंडप’ तक ट्रैकिंग की।

- Advertisement -
HTML5 Icon

प्रकृति की हरियाली, जंगलों का शांत वातावरण और स्थानीय प्राकृतिक परिवेश विद्यार्थियों के लिए ग्रामीण एवं जनजातीय पर्यटन की व्यावहारिक समझ विकसित करने का माध्यम बना। फील्ड विजिट के दौरान विद्यार्थियों ने जाना कि प्राकृतिक संसाधनों और स्थानीय संस्कृति को संरक्षित रखते हुए पर्यटन गतिविधियों को किस प्रकार विकसित किया जा सकता है।

बैगा संस्कृति और परंपराओं से हुए रूबरू

फील्ड विजिट के दौरान विद्यार्थियों ने बैगा जनजाति की पारंपरिक जीवनशैली, रहन-सहन, खान-पान और गोदना परंपरा को करीब से समझा। प्रकृति के साथ बैगा समुदाय के सामंजस्यपूर्ण जीवन और पारंपरिक ज्ञान ने विद्यार्थियों को जनजातीय संस्कृति की विशिष्टता को समझने का अवसर दिया।

विद्यार्थियों ने स्थानीय समुदाय के साथ संवाद करते हुए यह भी जाना कि जनजातीय क्षेत्रों में पर्यटन को केवल प्राकृतिक स्थलों तक सीमित न रखकर वहां की परंपराओं, लोकजीवन, खान-पान, कला और सांस्कृतिक विरासत से जोड़कर अधिक समृद्ध अनुभव के रूप में विकसित किया जा सकता है।

स्थानीय व्यंजनों से कराया परिचय

थाड़पथरा पर्यटन समिति द्वारा आईजीएनटीयू के विद्यार्थियों का आत्मीय स्वागत किया गया। समिति के सदस्यों ने विद्यार्थियों को स्थानीय पारंपरिक व्यंजनों से परिचित कराया। इस दौरान विद्यार्थियों ने स्थानीय खान-पान और ग्रामीण जीवनशैली की विशेषताओं को भी समझा।

स्थानीय समुदाय की सक्रिय भागीदारी से विद्यार्थियों को यह अनुभव हुआ कि पर्यटन गतिविधियों में स्थानीय लोगों की भूमिका केवल आतिथ्य तक सीमित नहीं होती, बल्कि वे स्थानीय संस्कृति, भोजन, परंपराओं और प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण के माध्यम से पर्यटन अनुभव को विशिष्ट बनाने में महत्वपूर्ण योगदान दे सकते हैं।

समुदाय आधारित पर्यटन मॉडल की दी जानकारी

कार्यक्रम में पर्यटन नोडल अधिकारी डॉ. राहुल गौतम, ग्रामीण आजीविका मिशन के ब्लॉक मिशन प्रबंधक श्री अभिषेक जायसवाल एवं पर्यटन समन्वयक श्री हर्ष सोनी ने विद्यार्थियों को समुदाय आधारित पर्यटन मॉडल की जानकारी दी।

अधिकारियों ने बताया कि ग्रामीण एवं जनजातीय क्षेत्रों में पर्यटन के विकास के लिए स्थानीय समुदाय की सक्रिय सहभागिता महत्वपूर्ण है। समुदाय की भागीदारी से स्थानीय संस्कृति और प्राकृतिक विरासत के संरक्षण के साथ-साथ ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती देने और स्थानीय स्तर पर रोजगार एवं आजीविका के अवसर विकसित करने की संभावनाएं बढ़ती हैं।

विद्यार्थियों को ग्रामीण एवं जनजातीय क्षेत्रों में पर्यटन विकास की संभावनाओं, स्थानीय संसाधनों के बेहतर उपयोग, सामुदायिक भागीदारी और जिम्मेदार पर्यटन के विभिन्न पहलुओं से अवगत कराया गया।

पर्यटन शिक्षा को मिला व्यावहारिक आयाम

विश्व पर्यटन सप्ताह के अवसर पर आयोजित यह फील्ड विजिट विद्यार्थियों के लिए पर्यटन प्रबंधन की पुस्तकीय जानकारी को वास्तविक परिस्थितियों से जोड़ने का अवसर बना। प्राकृतिक परिवेश, जनजातीय संस्कृति और स्थानीय समुदाय के साथ प्रत्यक्ष संवाद के माध्यम से विद्यार्थियों ने ग्रामीण एवं जनजातीय पर्यटन की संभावनाओं को व्यावहारिक रूप से समझा।

कार्यक्रम का आयोजन पर्यटन प्रबंधन विभागाध्यक्ष डॉ. प्रशांत सिंह, डॉ. रोहित रविंद्र बोरलिकर, डॉ. जयप्रकाश नारायना एवं डॉ. दिनेश कुमार परस्ते के मार्गदर्शन में किया गया। आयोजन में थाड़पथरा पर्यटन समिति के सदस्यों की सक्रिय सहभागिता रही।

थाड़पथरा बना सीखने और अनुभव का केंद्र

विश्व पर्यटन सप्ताह के तहत थाड़पथरा में आयोजित यह आयोजन पर्यटन शिक्षा, प्रकृति, जनजातीय संस्कृति और स्थानीय समुदाय को एक मंच पर जोड़ने वाली पहल के रूप में सामने आया। 90 विद्यार्थियों ने यहां बैगा संस्कृति की विशिष्टता, प्राकृतिक परिवेश की खूबसूरती और समुदाय आधारित पर्यटन की अवधारणा को करीब से समझा।

ऐसे आयोजन ग्रामीण एवं जनजातीय क्षेत्रों की पर्यटन संभावनाओं को पहचानने के साथ स्थानीय संस्कृति और परंपराओं को सम्मानपूर्वक पर्यटन से जोड़ने की दिशा में उपयोगी साबित हो सकते हैं।

Share This Article
Facebook Whatsapp Whatsapp Telegram Copy Link Print
Advertisement Carousel

Latest Post

छत्तीसगढ़ BJP प्रभारी बनीं स्मृति ईरानी, भूपेश बघेल बोले- ‘घायल शेरनी हैं, वनवास खत्म हुआ’
Featured छत्तीसगढ़
CG Accident News : छत्तीसगढ़ में बड़ा सड़क हादसा, बस-ट्रक की जोरदार भिड़ंत में 15 से अधिक यात्री घायल
Featured छत्तीसगढ़
CG BREAKING : CGBSE 10वीं-12वीं द्वितीय मुख्य परीक्षा का रिवैल्यूएशन रिजल्ट आउट, यहां से करें चेक
Featured छत्तीसगढ़
शासकीय शालाओं में 6,812 शिक्षकीय पदों पर भर्ती की तैयारी शुरू, तीन परीक्षाओं की तिथियां घोषित.
अन्य छत्तीसगढ़ देश - विदेश
उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव और श्री विजय शर्मा ने रखी कवर्धा के नए स्वरूप की नींव, 54 करोड़ से बनेगी 4 लेन सड़क.
अन्य छत्तीसगढ़ देश - विदेश
BJP संगठन में बड़ा बदलाव, शिवप्रकाश को मिली 5 राज्यों की कमान’ कर्मवीर सिंह की नई जिम्मेदारी तय
Featured छत्तीसगढ़
वीबी जीरामजी अंतर्गत जियो-टैगिंग में छत्तीसगढ़ का उत्कृष्ट प्रदर्शन… भूग्राम योजना में 99.34 प्रतिशत परिसंपत्तियां डिजिटल मैप पर दर्ज.
अन्य छत्तीसगढ़ देश - विदेश
मत्स्य पालन से संवरी गांधीराम की ज़िंदगी…0.20 हेक्टेयर के तालाब से सालाना 100 क्विंटल उत्पादन, 8 लाख तक मुनाफा.
अन्य छत्तीसगढ़ देश - विदेश

You Might Also Like Related

अन्यछत्तीसगढ़देश - विदेश

रजिस्ट्री हुई और नामांतरण भी, किसान चंद्रशेखर को नहीं लगाने पड़े दफ्तर के चक्कर.

By
Hum Vatan News
4 Min Read
अन्यछत्तीसगढ़देश - विदेश

बोकी-आरा मार्ग पर गिरमा नदी में पुल निर्माण पूर्ण, 8 गांवों को मिलेगा सीधा लाभ…4.41 करोड़ की लागत से 100 मीटर लंबे पुल का निर्माण हुआ पूरा.

By
Hum Vatan News
4 Min Read
अन्यछत्तीसगढ़देश - विदेश

वर्ष 2030 तक प्रदेश में 5 हजार स्टार्टअप को प्रोत्साहित करने का लक्ष्य, युवा केवल नौकरी पाने वाले नहीं बल्कि रोजगार देने वाले भी बनें : मुख्यमंत्री श्री साय.

By
Hum Vatan News
14 Min Read
Previous Next
Hum Vatan News

Categories

  • होम
  • छत्तीसगढ़
  • देश – विदेश
  • उद्योग
  • खेल
  • मनोरंजन
  • लाइफस्टाइल
  • अन्य

Follow for More

Quick Links

  • Privacy Policy
  • Contact
  • Disclaimer
  • Terms and Conditions
September 2026
M T W T F S S
 123456
78910111213
14151617181920
21222324252627
282930  
« Aug    

Hum Vatan News. Nimble Technology Design Company. All Rights Reserved.

Welcome Back!

Sign in to your account

Username or Email Address
Password

Lost your password?