नई दिल्ली: Asian Games 2026 : एशियन गेम्स 2026 के आखिरी दौर में भारतीय खिलाड़ियों का शानदार प्रदर्शन जारी है। शुक्रवार, 2 अक्टूबर को भारत की झोली में कई अहम मेडल आए। महिला मुक्केबाज लवलीना बोरगोहेन ने 75 किलोग्राम भारवर्ग में गोल्ड मेडल जीतकर देश को बड़ी सफलता दिलाई। वहीं सेलिंग में नेत्रा कुमानन ने ब्रॉन्ज मेडल अपने नाम किया। कुश्ती में सुजीत कलकल ने फाइनल में जगह बनाकर कम से कम सिल्वर मेडल पक्का कर लिया है।
लवलीना ने जीता गोल्ड मेडल
भारत की स्टार मुक्केबाज लवलीना बोरगोहेन ने महिलाओं के 75 किलोग्राम भारवर्ग में गोल्ड मेडल जीता। फाइनल में उनका सामना चीन की जियी बाओ से हुआ, जहां लवलीना ने 5-0 से जीत दर्ज की।
एशियन गेम्स में महिला मुक्केबाजी में यह भारत का दूसरा गोल्ड मेडल बताया गया है। इससे पहले मैरी कॉम ने 2014 में भारत के लिए महिला बॉक्सिंग में स्वर्ण पदक जीता था।
सेलिंग में नेत्रा कुमानन को ब्रॉन्ज
सेलिंग में भी भारत के खाते में एक और पदक आया। महिलाओं की डिंगी इवेंट में नेत्रा कुमानन ने ब्रॉन्ज मेडल जीता। दो रेस वाले फाइनल में नेत्रा पहली रेस में छठे स्थान पर रहीं, जबकि दूसरी रेस में उन्होंने जीत हासिल की।
कुल परिणाम के आधार पर वह थाईलैंड की सोफिया मोंटगोमरी और सिंगापुर की जानिया आंग के बाद तीसरे स्थान पर रहीं। पुरुषों की स्पर्धा में विष्णु सरवनन चौथे स्थान पर रहे और ब्रॉन्ज से चूक गए।
सुजीत कलकल ने फाइनल में बनाई जगह
कुश्ती में भारत के लिए सुजीत कलकल ने शानदार प्रदर्शन किया। पुरुषों के 65 किलोग्राम फ्रीस्टाइल वर्ग के सेमीफाइनल में सुजीत ने जापान के कोटारो कियोका को हराकर फाइनल में जगह बना ली। इसके साथ ही उनका कम से कम सिल्वर मेडल पक्का हो गया है।
इससे पहले सुजीत ने क्वार्टर फाइनल में ईरान के अब्बास इब्राहिमजादेहसवादकौह को मात दी थी। प्री-क्वार्टर फाइनल में उन्होंने अफगानिस्तान के सैयद ओमर जाजई को 13-3 से हराया था।
दीपांशी ब्रॉन्ज की रेस में
महिलाओं के 50 किलोग्राम भारवर्ग में दीपांशी को शुरुआती मुकाबले में जापान की युई सुसाकी से 11-0 से हार मिली थी। हालांकि, रेपेचेज में वापसी करते हुए दीपांशी ने कंबोडिया की सैमनांग डिट को टेक्निकल सुपीरियरिटी से हराया और ब्रॉन्ज मेडल की रेस में जगह बना ली।
अब उनका मुकाबला कजाकिस्तान की जेनेप बायानोवा से होगा।
आर्चरी में भारत को सिल्वर भी मिला
आर्चरी में भारतीय मिक्स्ड रिकर्व टीम ने भी पदक जीता। कुमकुम और धीरज बोम्मादेवरा की जोड़ी को फाइनल में चीन के खिलाफ 5-3 से हार मिली, जिसके बाद भारत को सिल्वर मेडल से संतोष करना पड़ा।
इससे पहले भारतीय महिला रिकर्व टीम ने कोरिया को 5-3 से हराकर ऐतिहासिक गोल्ड मेडल जीता था। एशियन गेम्स में महिला रिकर्व टीम का यह पहला स्वर्ण पदक है।
सेलिंग में एक और ब्रॉन्ज
महिलाओं के स्किफ इवेंट में भी भारत को ब्रॉन्ज मेडल मिला। हर्षिता और शीतल को यह पदक चीन की टीम के डिसक्वालीफाई होने के बाद मिला। इसके साथ सेलिंग में भारत के पदकों की संख्या भी बढ़ी।
प्रिया मलिक और रजत रूहल को झटका
कुश्ती में प्रिया मलिक को महिलाओं के 76 किलोग्राम वर्ग में किर्गिस्तान की मेदेत किजी के खिलाफ 6-1 से हार मिली। वहीं पुरुषों के 125 किलोग्राम वर्ग में रजत रूहल को कजाकिस्तान के येदिगे कासिमबेक ने 8-3 से हराया। दोनों के लिए रेपेचेज का रास्ता उनके प्रतिद्वंद्वियों के फाइनल में पहुंचने पर निर्भर था, लेकिन यह मौका नहीं बन सका।
एशियन गेम्स 2026 में भारतीय खिलाड़ी आज आर्चरी, कुश्ती, गोल्फ, ताइक्वांडो, साइकिलिंग, सेलिंग, वॉलीबॉल और अन्य खेलों में चुनौती पेश कर रहे हैं। भारत के पदकों की संख्या में आगे भी इजाफा होने की उम्मीद है।


