रायपुर। CG Coal Levy Scam: छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित कथित कोल लेवी घोटाले में आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ (EOW) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए विशेष अदालत में 9500 पन्नों का छठा पूरक चालान पेश किया है। इस पूरक चालान में EOW ने देवेंद्र यादव, विनोद तिवारी समेत 12 लोगों को आरोपी बनाया है।
EOW की ओर से पेश किए गए चालान में मामले से जुड़े दस्तावेज और जांच से संबंधित साक्ष्य शामिल किए गए हैं। यह कार्रवाई कथित कोल लेवी वसूली मामले की जांच का हिस्सा है।
12 लोगों को बनाया गया आरोपी
EOW के मुताबिक, छठे पूरक चालान में जिन 12 लोगों को आरोपी बनाया गया है, उनमें:
- देवेंद्र यादव
- विनोद तिवारी
- चंद्रदेव राय
- पीयूष साहू
- आरपी सिंह
- जोगेंद्र सिंह
- राहुल मिश्रा
- जेपी मौर्या
- दीपेश टांक
- रामगोपाल अग्रवाल
- रामप्रताप सिंह
- सुनील अग्रवाल
शामिल हैं।
क्या है कथित कोल लेवी घोटाला?
जांच एजेंसियों के अनुसार, 2020 से 2022 के बीच छत्तीसगढ़ में कोयला परिवहन पर कथित रूप से अवैध लेवी वसूली की गई। आरोप है कि कोयला परिवहन से संबंधित ऑनलाइन ई-परमिट व्यवस्था में बदलाव के बाद मैन्युअल अनापत्ति प्रमाण पत्र (NOC) व्यवस्था के जरिए कोयला परिवहन करने वालों से प्रति टन 25 रुपये की अवैध वसूली की गई।
जांच एजेंसियों का आरोप है कि इसके लिए एक समानांतर नेटवर्क बनाया गया था, जिसके जरिए कोयला परिवहन से जुड़ी राशि की वसूली की जाती थी।
500 करोड़ से ज्यादा की अवैध वसूली का आरोप
जांच एजेंसियों के अनुसार, वर्ष 2020 से 2022 के दौरान प्रति टन 25 रुपये की कथित लेवी के जरिए लगभग 500 से 540 करोड़ रुपये से अधिक की अवैध राशि एकत्र किए जाने का अनुमान है।
जांच में यह भी दावा किया गया है कि इस रकम का इस्तेमाल कथित तौर पर बेनामी संपत्तियों की खरीद, राजनीतिक और व्यक्तिगत खर्चों तथा अधिकारियों के बीच वितरण में किया गया।
हालांकि, ये सभी आरोप जांच एजेंसियों के दावों पर आधारित हैं और मामले में आरोपियों के खिलाफ अंतिम दोषसिद्धि न्यायालय के निर्णय पर निर्भर करेगी।
9500 पन्नों के चालान से बढ़ेगी कानूनी कार्रवाई
EOW द्वारा दाखिल किए गए छठे पूरक चालान के बाद मामले में आगे की न्यायिक प्रक्रिया तेज होने की संभावना है। करीब 9500 पन्नों के दस्तावेजों में जांच से जुड़े विभिन्न पहलुओं को शामिल किया गया है। अब अदालत में आरोपों और प्रस्तुत साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई होगी।


