बिलासपुर। CG Crime News: छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में चोरी के एक मामले का पुलिस ने चौंकाने वाला खुलासा किया है। पुलिस जांच में सामने आया कि सस्पेंडेड पुलिस आरक्षक ने कथित तौर पर नशे की जरूरत पूरी करने के लिए अपने ही घर से सोने-चांदी के जेवर और नगदी चोरी कर ली। इस वारदात में उसके दो दोस्त भी शामिल थे।
सकरी पुलिस ने मामले में तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से चोरी के जेवर, नगदी और वारदात में इस्तेमाल बुलेट बाइक बरामद की गई है। तीनों को कोर्ट में पेश करने के बाद न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है।
तीज मनाने रीवा गई थी महिला, पीछे से घर में हुई चोरी
मामला सकरी थाना क्षेत्र की सागरदीप कॉलोनी का है। यहां रहने वाली वृंदावती मिश्रा तीज मनाने अपने पैतृक गांव रीवा गई थीं। इसी दौरान उनके घर की अलमारी और लॉकर का ताला टूटा मिला।
परिजनों से जानकारी मिलने के बाद जब वह बिलासपुर लौटीं तो अलमारी में रखे सोने-चांदी के जेवर और नगदी गायब मिले। इसके बाद उन्होंने सकरी थाने में चोरी की रिपोर्ट दर्ज कराई।
करीबियों पर था शक, बेटे की गतिविधियों से पुलिस को मिला सुराग
रिपोर्ट दर्ज होने के बाद पुलिस ने आसपास के लोगों, परिचितों और परिवार से जुड़े लोगों से पूछताछ शुरू की। जांच के दौरान महिला के बेटे आशीष मिश्रा (31) की गतिविधियां पुलिस को संदिग्ध लगीं।
पुलिस के मुताबिक, चोरी की घटना के समय आशीष घर पर ही मौजूद था। इसके बाद पुलिस ने उसके बारे में जानकारी जुटाई और पूछताछ की। जांच आगे बढ़ने पर उसके दो दोस्तों की भूमिका भी सामने आई।
दोस्तों के साथ मिलकर बनाई चोरी की योजना
पुलिस ने आशीष के दोस्त सूरज सिंह ठाकुर उर्फ मोना (27) और अनुराग चौधरी उर्फ लालू (23) से भी पूछताछ की।
पुलिस के अनुसार, पूछताछ में सामने आया कि आशीष को घर में रखे जेवर और नगदी की जानकारी थी। उसने दोनों दोस्तों के साथ मिलकर चोरी की योजना बनाई और वारदात को अंजाम दिया।
तीनों आरोपियों की निशानदेही पर पुलिस ने चोरी के गहने और नगदी बरामद की। साथ ही वारदात में इस्तेमाल बुलेट बाइक भी जब्त की गई।
पिता की जगह मिली थी अनुकंपा नियुक्ति
CSP परमेश्वर तिलकवार के अनुसार, आरोपी आशीष मिश्रा पहले पुलिस विभाग में आरक्षक था। उसे अपने पिता की जगह अनुकंपा नियुक्ति मिली थी।
पुलिस के मुताबिक, काम में लापरवाही और नशे की आदत के कारण वह फिलहाल निलंबित चल रहा है। शुरुआती जांच में पुलिस को यह भी पता चला है कि आरोपियों ने कथित तौर पर नशे की जरूरत पूरी करने के लिए चोरी की वारदात को अंजाम दिया।
तीनों आरोपी गिरफ्तार, पुराने रिकॉर्ड की भी जांच
पुलिस ने आशीष मिश्रा समेत उसके दोनों साथियों को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया, जहां से उन्हें न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया।
पुलिस अब आरोपियों का पुराना आपराधिक रिकॉर्ड भी खंगाल रही है। जांच की जा रही है कि कहीं तीनों ने इससे पहले भी चोरी या किसी अन्य आपराधिक वारदात को अंजाम तो नहीं दिया है।
इस मामले में घर के सदस्य की कथित संलिप्तता सामने आने से पुलिस के साथ-साथ स्थानीय लोग भी हैरान हैं।


