रायपुर। रायपुर नगर निगम के जोन-10 अमलीडीह कार्यालय से करीब 100 एकड़ जमीन से जुड़ी महत्वपूर्ण फाइल गायब होने का मामला सामने आया है। इस पूरे प्रकरण में जांच कमेटी की रिपोर्ट के बाद निगम कमिश्नर विश्वदीप ने 4 अधिकारियों को निलंबित कर दिया है।
जांच रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि सड़क संरचना से संबंधित प्रस्ताव बिना किसी वैध अनुमति के भेजा गया था। बताया गया कि 17 नवंबर 2025 को जोन-10 के जोन आयुक्त ने अपने अधिकार क्षेत्र से बाहर जाकर नगर एवं ग्राम निवेश कार्यालय को प्रस्ताव भेज दिया, जो नियमों का सीधा उल्लंघन है। इस तरह के प्रस्ताव को भेजने का अधिकार केवल आयुक्त स्तर पर होता है।
समिति ने 13 अप्रैल 2026 को मौके का निरीक्षण किया, जिसमें प्रस्तावित नक्शे और जमीन की वास्तविक स्थिति में भारी अंतर पाया गया। कई मकान नक्शे में दर्शाए ही नहीं गए, वहीं सड़कों की चौड़ाई और प्लॉट के आकार भी गलत बताए गए। जांच में यह भी सामने आया कि प्रस्तावित मार्ग संरचना केवल आंशिक रूप से ही सही थी और कई दावे भ्रामक थे।
इस मामले पर पूर्व महापौर एजाज ढेबर ने इसे नगर निगम के इतिहास की सबसे बड़ी लापरवाही बताते हुए 100 करोड़ रुपए से अधिक के घोटाले की आशंका जताई है। उन्होंने मामले की जांच आर्थिक अपराध अन्वेषण शाखा से कराने की मांग की है।
फिलहाल इस मामले ने नगर निगम की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं और आगे और बड़े खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।



