वॉशिंगटन। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने रूस के खिलाफ कड़े प्रतिबंधों से जुड़े एक अहम बिल को मंजूरी दे दी है। इस बिल में रूस से तेल खरीदने वाले देशों पर सख्त आर्थिक कार्रवाई का प्रावधान किया गया है। रिपोर्ट के मुताबिक, प्रस्तावित कानून के तहत भारत, चीन और ब्राजील जैसे देशों पर 500 प्रतिशत तक टैरिफ लगाया जा सकता है।
सूत्रों के अनुसार, यह बिल अगले हफ्ते अमेरिकी संसद में वोटिंग के लिए पेश किया जाएगा। अगर संसद से इसे मंजूरी मिल जाती है, तो रूस के साथ ऊर्जा व्यापार करने वाले देशों को भारी आर्थिक झटका लग सकता है। भारत, जो रूस से कच्चे तेल का बड़ा आयातक है, इस प्रस्तावित टैरिफ से सबसे अधिक प्रभावित देशों में शामिल हो सकता है।
अमेरिकी प्रशासन का कहना है कि यह कदम रूस पर दबाव बढ़ाने और यूक्रेन युद्ध से जुड़े उसके आर्थिक संसाधनों को कमजोर करने के उद्देश्य से उठाया गया है। हालांकि, विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के टैरिफ से वैश्विक ऊर्जा बाजार में अस्थिरता बढ़ सकती है और तेल की कीमतों पर भी असर पड़ सकता है।
भारत सरकार की ओर से अभी तक इस मुद्दे पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है, लेकिन माना जा रहा है कि अगर यह बिल कानून बनता है तो भारत अमेरिका के साथ कूटनीतिक स्तर पर बातचीत कर सकता है।


