बाइक सवार की जान बचाने के फेर में पलटी गाड़ी
हादसे की असल वजह एक बाइक सवार को बचाना बताया जा रहा है। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, एसडीएम अजय माडियम शनिवार दोपहर सूरजपुर की ओर आ रहे थे। तभी अचानक देवनगर के पास एक बाइक सवार कार के सामने आ गया। उसे बचाने की कोशिश में चालक ने तेजी से स्टयरिंग मोड़ी, जिससे तेज रफ्तार गाड़ी बेकाबू हो गई और सीधे एक घर की परछी को तोड़ते हुए अंदर जा घुसी। आप उस मंजर की कल्पना कर सकते हैं; टायर जलने की गंध और धूल के गुबार के बीच हर तरफ चीख-पुकार मच गई।
कलेक्टर खुद पहुंचे मदद के लिए, घायलों को अस्पताल में कराया भर्ती
हादसे के तुरंत बाद आसपास के ग्रामीण मौके पर पहुंचे और कड़ी मशक्कत के बाद घायलों को कार से बाहर निकाला। सूचना मिलते ही सूरजपुर कलेक्टर तत्काल अस्पताल पहुंचे। उन्होंने न केवल घायलों का हाल जाना, बल्कि अपनी संवेदनशीलता दिखाते हुए प्राथमिक उपचार के बाद घायलों को अपने ही वाहन में बैठाकर जिला अस्पताल पहुँचाया। डॉक्टरों के अनुसार, सभी घायलों को शरीर के विभिन्न हिस्सों में चोटें आई हैं, लेकिन फिलहाल उनकी स्थिति खतरे से बाहर बताई जा रही है। अगर उस वक्त घर में लोग मौजूद होते, तो यह जान-माल का एक बड़ा नुकसान हो सकता था।
“अजय सर और बाकी साथी सुरक्षित हैं, यही बड़ी बात है। वह बाइक सवार एकदम सामने आ गया था। हमने बस उसे बचाने की कोशिश की और उसी चक्कर में गाड़ी का कंट्रोल खत्म हो गया। सब कुछ सेकंडों में हो गया।”
इस हादसे ने एक बार फिर जिले की सड़कों पर सुरक्षा मानकों को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। देवनगर अटल चौक जैसे व्यस्त इलाकों में वाहनों की गति और अचानक आने वाले दोपहिया वाहनों की वजह से पहले भी ऐसी घटनाएं हुई हैं। पुलिस ने फिलहाल वाहन को जब्त कर लिया है और मामले की जांच की जा रही है। आने वाले दिनों में जिला प्रशासन इस रूट पर गति सीमा और अन्य सुरक्षा उपायों को लेकर नई गाइडलाइंस जारी कर सकता है। अधिकारियों की सुरक्षा और प्रोटोकॉल को लेकर भी समीक्षा की जा सकती है।



