प्रश्नकाल और अनुदान मांगों पर केंद्रित रहेगी कार्यवाही
सदन की कार्यवाही सुबह 11 बजे शुरू होगी। आज लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी (PHE), नगरीय प्रशासन, और गृह विभाग से संबंधित अनुदान मांगों पर विस्तृत चर्चा होनी है। विधायक दल के सूत्रों के अनुसार, रायपुर और बिलासपुर स्मार्ट सिटी के तहत खर्च किए गए करोड़ों रुपयों के हिसाब-किताब पर विपक्ष ने कई सवाल खड़े किए हैं। ध्यानाकर्षण सूचना के जरिए विपक्ष शहर की खस्ताहाल सड़कों और ड्रेनेज सिस्टम के अधूरे कामों का मुद्दा उठाएगा। इसके अलावा, राज्य की कानून-व्यवस्था और नई बजट घोषणाओं के क्रियान्वयन पर भी बहस होगी।
“स्मार्ट सिटी के नाम पर रायपुर की जनता के पैसे का दुरुपयोग हुआ है। हमने सदन में ध्यानाकर्षण प्रस्ताव लाया है और हम सरकार से जवाब मांगेंगे कि आखिर काम जमीन पर क्यों नहीं दिख रहे हैं।”
— विपक्षी विधायक (नाम सदन रिकॉर्ड के अनुसार), छत्तीसगढ़ विधानसभा
विधानसभा की इस चर्चा का सीधा असर रायपुर, बिलासपुर और दुर्ग जैसे शहरों के शहरी विकास कार्यों पर पड़ेगा। बजट सत्र में पारित होने वाली अनुदान मांगों से ही आगामी मानसून सत्र से पहले सड़क मरम्मत और पेयजल परियोजनाओं के लिए फंड जारी होगा। यदि स्मार्ट सिटी मुद्दे पर जांच के आदेश दिए जाते हैं, तो कई मौजूदा टेंडर और प्रोजेक्ट्स की रफ्तार पर असर पड़ सकता है। नागरिकों की नजरें आज सदन से निकलने वाले उन फैसलों पर हैं जो उनके वार्ड और मोहल्लों के विकास बजट से जुड़े हैं।


