CG NEWS : भानुप्रतापपुर। कांकेर जिले में मलेरिया का प्रकोप लगातार गंभीर होता जा रहा है। हाल ही में छात्रावास में पढ़ने वाले दो छात्रों की मलेरिया से मौत के बाद अब भानुप्रतापपुर विकासखंड के चीज़गांव में एक महिला की मौत का मामला सामने आया है। परिजनों का आरोप है कि समय पर इलाज और एंबुलेंस सुविधा नहीं मिलने के कारण महिला ने दम तोड़ दिया। इस घटना ने एक बार फिर ग्रामीण स्वास्थ्य व्यवस्था और आपातकालीन सेवाओं पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
परिजनों ने लगाया लापरवाही का आरोप
जानकारी के अनुसार, महिला की तबीयत कई दिनों से खराब थी। जांच के दौरान वह मलेरिया पॉजिटिव पाई गई थी। परिजनों का कहना है कि हालत बिगड़ने पर उन्होंने तत्काल एंबुलेंस को सूचना दी, लेकिन वाहन काफी देर से पहुंचा। उनका आरोप है कि यदि समय पर चिकित्सा सुविधा मिल जाती तो महिला की जान बचाई जा सकती थी। ग्रामीणों ने भी स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली पर नाराजगी जताते हुए दूरस्थ क्षेत्रों में चिकित्सा सेवाओं को मजबूत करने की मांग की है।
स्वास्थ्य विभाग की कार्यशैली पर उठे सवाल
लगातार सामने आ रही मौतों के बाद स्वास्थ्य विभाग की तैयारियों पर सवाल उठने लगे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि बारिश के मौसम में हर साल मलेरिया के मामले बढ़ते हैं, इसके बावजूद कई गांवों में समय पर जांच, दवा वितरण और जागरूकता अभियान प्रभावी ढंग से नहीं चलाए जा रहे हैं। दूर-दराज़ के इलाकों में स्वास्थ्य सुविधाओं की कमी और आपातकालीन सेवाओं की उपलब्धता भी चिंता का विषय बनी हुई है।
बारिश के मौसम में बढ़ा संक्रमण का खतरा
विशेषज्ञों के अनुसार, मानसून के दौरान जलभराव और मच्छरों की बढ़ती संख्या के कारण मलेरिया का खतरा कई गुना बढ़ जाता है। ऐसे समय में समय पर जांच, उपचार और बचाव के उपाय बेहद जरूरी होते हैं। स्वास्थ्य विभाग लोगों से बुखार आने पर तुरंत जांच कराने और स्वयं दवा लेने के बजाय चिकित्सकों की सलाह लेने की अपील करता रहा है।
ग्रामीणों में दहशत, प्रशासन से कार्रवाई की मांग
लगातार तीन मौतों की घटनाओं के बाद क्षेत्र के लोगों में भय का माहौल है। ग्रामीणों ने प्रशासन से प्रभावित गांवों में विशेष स्वास्थ्य शिविर लगाने, नियमित स्वास्थ्य जांच कराने, पर्याप्त दवाइयों की उपलब्धता सुनिश्चित करने और एंबुलेंस सेवाओं को अधिक प्रभावी बनाने की मांग की है। लोगों का कहना है कि यदि समय रहते ठोस कदम नहीं उठाए गए तो आने वाले दिनों में स्थिति और गंभीर हो सकती है।


