CG News : रायपुर। भारत के उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन अगले महीने छत्तीसगढ़ के दौरे पर रहेंगे। प्रस्तावित कार्यक्रम के अनुसार उपराष्ट्रपति 2 सितंबर को रायपुर पहुंचेंगे और यहां आयोजित अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AIIMS) के तीसरे दीक्षांत समारोह में शामिल होंगे। उनके दौरे को लेकर तैयारियां शुरू होने की संभावना है। इस कार्यक्रम में केंद्रीय स्वास्थ्य एवं उर्वरक राज्य मंत्री अनुप्रिया पटेल के भी मौजूद रहने की जानकारी है।
AIIMS के तीसरे दीक्षांत समारोह में होंगे शामिल
रायपुर AIIMS का तीसरा दीक्षांत समारोह चिकित्सा शिक्षा के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण आयोजन होगा। समारोह में उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे। इस दौरान संस्थान के विभिन्न पाठ्यक्रमों से शिक्षा पूरी करने वाले विद्यार्थियों को डिग्री और उपाधियां प्रदान की जाएंगी।
दीक्षांत समारोह में विद्यार्थियों, उनके परिजनों, संस्थान के शिक्षकों और चिकित्सा क्षेत्र से जुड़े कई गणमान्य लोगों के शामिल होने की उम्मीद है।
AIIMS निदेशक ने की उपराष्ट्रपति से मुलाकात
जानकारी के मुताबिक, AIIMS रायपुर के निदेशक डॉ. अशोक जिंदल ने दिल्ली में उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन से मुलाकात की थी। इस दौरान उन्होंने उपराष्ट्रपति को AIIMS के तीसरे दीक्षांत समारोह में शामिल होने के लिए आमंत्रित किया।
बताया जा रहा है कि उपराष्ट्रपति ने निमंत्रण स्वीकार करते हुए समारोह में शामिल होने की सहमति दे दी है। इसके बाद 2 सितंबर को उनके रायपुर दौरे का कार्यक्रम तय होने की जानकारी सामने आई है।
केंद्रीय मंत्री अनुप्रिया पटेल भी रहेंगी मौजूद
समारोह में केंद्रीय स्वास्थ्य एवं उर्वरक राज्य मंत्री अनुप्रिया पटेल के भी शामिल होने की संभावना है। केंद्र सरकार के वरिष्ठ पदाधिकारियों और राज्य के जनप्रतिनिधियों की मौजूदगी से कार्यक्रम का महत्व और बढ़ जाएगा।
इस दौरान चिकित्सा शिक्षा, स्वास्थ्य सेवाओं और AIIMS की उपलब्धियों को लेकर भी चर्चा हो सकती है। विद्यार्थियों के लिए यह समारोह विशेष अवसर होगा, क्योंकि उन्हें देश के उपराष्ट्रपति के हाथों सम्मान और डिग्री प्राप्त करने का मौका मिलेगा।
सुरक्षा और प्रोटोकॉल को लेकर तैयारियां
उपराष्ट्रपति के छत्तीसगढ़ दौरे को देखते हुए प्रशासनिक स्तर पर सुरक्षा और प्रोटोकॉल की तैयारियां की जाएंगी। रायपुर में उनके कार्यक्रम को लेकर संबंधित विभागों के अधिकारियों के बीच समन्वय स्थापित किया जाएगा।
कार्यक्रम स्थल पर सुरक्षा व्यवस्था, यातायात प्रबंधन और अन्य जरूरी व्यवस्थाओं को लेकर भी तैयारियां की जाएंगी। हालांकि दौरे का विस्तृत कार्यक्रम और अन्य प्रोटोकॉल संबंधी जानकारी आधिकारिक स्तर पर सामने आना बाकी है।


