CG Politics : बिलासपुर। छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता भूपेश बघेल से जुड़े चुनाव याचिका मामले में राजनीतिक और कानूनी हलचल तेज हो गई है। मंगलवार को इस मामले में छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट में सुनवाई हुई। इस दौरान भाजपा सांसद विजय बघेल की गवाही होनी थी, लेकिन भूपेश बघेल की ओर से उनके अधिवक्ता ने आवेदन प्रस्तुत कर सुनवाई के लिए अगली तारीख देने की मांग की। इसके बाद मामले की अगली सुनवाई 5 नवंबर को निर्धारित की गई है। चुनाव याचिका से जुड़े इस घटनाक्रम पर प्रदेश की राजनीतिक नजरें टिकी हुई हैं। वहीं, सुप्रीम कोर्ट से जुड़े घटनाक्रम को लेकर भी यह मामला चर्चा में है।
हाईकोर्ट में होनी थी विजय बघेल की गवाही
मंगलवार को छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट में पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के खिलाफ दायर चुनाव याचिका पर सुनवाई हुई। इस दौरान भाजपा सांसद विजय बघेल की गवाही प्रस्तावित थी।
विजय बघेल इस चुनाव याचिका में महत्वपूर्ण पक्षकार हैं। ऐसे में उनकी गवाही को मामले की सुनवाई के लिहाज से अहम माना जा रहा था। हालांकि, निर्धारित कार्यवाही के दौरान भूपेश बघेल की ओर से उनके अधिवक्ता ने अदालत में आवेदन पेश कर अगली तारीख देने का अनुरोध किया।
भूपेश बघेल के अधिवक्ता ने मांगा समय
सुनवाई के दौरान भूपेश बघेल के वकील ने अदालत से मामले को आगे बढ़ाने के लिए समय देने की मांग की। इसके चलते मंगलवार को प्रस्तावित गवाही की प्रक्रिया पूरी नहीं हो सकी।
अदालत में प्रस्तुत आवेदन के बाद मामले की सुनवाई के लिए अगली तारीख तय की गई। अब 5 नवंबर को इस चुनाव याचिका पर आगे की सुनवाई होगी। इस दौरान मामले की अगली कानूनी प्रक्रिया को लेकर स्थिति स्पष्ट होने की उम्मीद है।
क्या है पूरा चुनाव याचिका मामला?
भूपेश बघेल के खिलाफ दायर चुनाव याचिका को लेकर लंबे समय से कानूनी प्रक्रिया चल रही है। इस मामले में भाजपा सांसद विजय बघेल की भूमिका भी महत्वपूर्ण है। याचिका से जुड़े आरोपों और चुनाव प्रक्रिया की वैधानिकता पर अदालत में सुनवाई की जा रही है।
चुनाव याचिका में उठाए गए मुद्दों पर अदालत दोनों पक्षों की दलीलों और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर विचार कर रही है।


