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“बच्चों की सेहत हमारी प्राथमिकता”: सीएम विष्णु देव साय
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर जानकारी साझा करते हुए बताया कि भीषण गर्मी में बच्चों का स्कूल जाना उनके स्वास्थ्य के लिए जोखिम भरा हो सकता है. उन्होंने स्पष्ट किया कि बच्चों की सुरक्षा और सेहत सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है. मौसम विभाग (IMD) ने रायपुर, बिलासपुर और दुर्ग संभाग के कई हिस्सों में तापमान 42°C से 43°C के पार पहुंचने की चेतावनी दी थी, जिसके बाद शिक्षा विभाग ने यह त्वरित निर्णय लिया. स्कूलों में अब सन्नाटा पसर गया है. जो बच्चे सुबह 7 बजे पसीने से तर-बतर होकर स्कूल बस का इंतज़ार करते थे, उन्हें इस आदेश से बड़ी राहत मिली है. रायपुर के एक अभिभावक ने बताया, “दोपहर में स्कूल से लौटते समय बच्चों की हालत खराब हो जाती थी, यह फैसला बिल्कुल सही समय पर आया है.” |
शिक्षकों के लिए नियम अलग, स्कूलों में 55 दिन का ब्रेक
भले ही स्टूडेंट्स के लिए आज से बैग रख देने का समय है, लेकिन शिक्षकों के लिए नियम थोड़े अलग हैं. आदेश के मुताबिक, यह अवकाश केवल छात्रों के लिए है; शिक्षकों को विभागीय कार्यों और आगामी सत्र की तैयारियों के लिए तय शेड्यूल के अनुसार उपस्थित रहना पड़ सकता है. इस बार छत्तीसगढ़ के छात्रों को कुल 55 दिनों का लंबा अवकाश मिल रहा है.
“भीषण गर्मी और लू के थपेड़ों के बीच बच्चों को स्कूल भेजना माता-पिता के लिए चिंता का विषय बना हुआ था. सरकार के इस फैसले से प्रदेश के लाखों स्कूली बच्चों को लू की चपेट में आने से बचाया जा सकेगा.”
— शिक्षा विभाग अधिकारी, छत्तीसगढ़



