धूप का हमला, जमीन तप रही
सुबह से ही सूरज आग उगल रहा है। दोपहर आते-आते हालात और बिगड़ते हैं। गर्म हवाएं सीधे चेहरे पर लगती हैं। बाहर निकलना मुश्किल हो जाता है। कई हिस्सों में तापमान 43–44°C के बीच बना हुआ है। यह सिर्फ नंबर नहीं है। यह जमीन पर जलती हवा जैसा महसूस होता है। एक स्थानीय निवासी ने कहा, “दोपहर में बाहर निकलते ही ऐसा लगता है जैसे ओवन खुल गया हो।”
कहां से आएगी राहत?
थोड़ी उम्मीद है। बस्तर इलाके में दक्षिणी हवाएं हल्की राहत ला सकती हैं। बंगाल की खाड़ी से नमी वाली हवा भी असर दिखाएगी। लेकिन राहत पूरी नहीं। 2 से 3 दिन तक गर्मी का दबाव बना रहेगा। उमस बढ़ सकती है। पसीना, चिपचिपाहट—सब साथ आएंगे।


