Chhattisgarh LPG Black Marketing Raid , बिलासपुर/सूरजपुर — छत्तीसगढ़ प्रशासन ने गैस सिलेंडरों की कालाबाजारी करने वाले सिंडिकेट के खिलाफ ‘ब्लिट्ज’ अटैक शुरू कर दिया है। रविवार को राज्य के तीन बड़े जिलों—सूरजपुर, बिलासपुर और जांजगीर-चांपा में एक साथ छापेमारी की गई। इस एक्शन में प्रशासन ने 100 से अधिक सिलेंडरों की अवैध खेप पकड़ी है। बिलासपुर में तो खेल इतना बड़ा था कि बीच शहर में अवैध रिफिलिंग का वीडियो वायरल होने के बाद अधिकारियों को तुरंत मैदान में उतरना पड़ा।
Chhattisgarh Road Safety Alert : बास्तानार घाट पर धू-धू कर जली कार, नेशनल हाईवे पर मची चीख-पुकार
मैदान-ए-जंग: छापेमारी की इनसाइड रिपोर्ट
प्रशासन की टीमों ने गुप्त सूचना के आधार पर संदिग्ध ठिकानों की घेराबंदी की। सूरजपुर और जांजगीर-चांपा में घरेलू गैस सिलेंडरों का कमर्शियल इस्तेमाल और उनकी जमाखोरी पकड़ी गई। अवैध रिफिलिंग का नेटवर्क इतना मजबूत था कि सुरक्षा मानकों को ताक पर रखकर एक बड़े सिलेंडर से छोटे सिलेंडरों में गैस भरी जा रही थी।
बिलासपुर में वायरल हुए वीडियो ने प्रशासन की नाक के नीचे चल रहे इस खतरनाक खेल की पोल खोल दी। वीडियो में साफ दिख रहा है कि कैसे बिना किसी डर के अवैध रिफिलिंग का काम चल रहा था। इसके तुरंत बाद जिला प्रशासन ने दबिश देकर भारी मात्रा में उपकरण और सिलेंडर जब्त किए।
“हमने कई जिलों में छापेमारी कर 100 से ज्यादा सिलेंडर जब्त किए हैं। बिलासपुर का वीडियो हमारे पास है और इसमें शामिल लोगों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जा रही है। कालाबाजारी किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं होगी।”
— जिला खाद्य अधिकारी
यह छापेमारी केवल एक शुरुआत है। प्रदेश में जिस तरह से अवैध रिफिलिंग के वीडियो सामने आ रहे हैं, उससे साफ है कि यह नेटवर्क काफी गहरा है। प्रशासन अब इन आरोपियों के ‘बैकवर्ड लिंक्स’ खंगाल रहा है ताकि मुख्य सप्लायरों तक पहुंचा जा सके। आने वाले हफ्तों में गैस एजेंसियों पर भी सख्ती बढ़ना तय है। अगर एजेंसियां अपने स्टॉक का हिसाब नहीं दे पाती हैं, तो उनके लाइसेंस रद्द होने की नौबत आ सकती है। जनता के लिए यह राहत की बात है कि आपूर्ति चेन में सुधार के लिए प्रशासन अब ‘अग्रेसिव डिफेंस’ मोड में है।



