जहां कभी कदम रखना मुश्किल था, वहां अब पहुंची जनगणना टीम
घने जंगल। पहाड़ियों के बीच बसा गांव। कुछ साल पहले तक यहां पहुंचना सुरक्षा बलों के लिए भी चुनौती माना जाता था। अब वही गांव सरकारी कर्मचारियों की आवाजाही देख रहा है। गांव में जनगणना टीम पहुंची तो ग्रामीणों ने सहयोग किया। प्रशासनिक अधिकारियों के मुताबिक काम तय समय से पहले पूरा हुआ। स्थानीय लोगों का कहना है कि पहले गांव में डर का माहौल रहता था। शाम ढलते ही रास्ते खाली हो जाते थे। इस बार तस्वीर अलग दिखी। बच्चे स्कूल की यूनिफॉर्म में नजर आए। महिलाएं खुले तौर पर बातचीत करती दिखीं।
बदलते माहौल के पीछे क्या वजह?
सुरक्षा कैंप, सड़क निर्माण और लगातार प्रशासनिक पहुंच ने इलाके की स्थिति बदली है। पिछले कुछ वर्षों में पूवर्ती और आसपास के इलाकों में कई विकास कार्य शुरू हुए। इसका असर अब जमीन पर दिखने लगा है। एक अधिकारी ने बताया कि जनगणना के दौरान ग्रामीणों ने बिना किसी भय के जानकारी साझा की। यह संकेत है कि लोगों का भरोसा धीरे-धीरे व्यवस्था की तरफ लौट रहा है।


