- ऐतिहासिक सरेंडर: नक्सल संगठन का शीर्ष चेहरा पापाराव आज रायपुर में आत्मसमर्पण करेगा।
- बड़ा आंकड़ा: पापाराव के साथ उसके 12 प्रमुख साथी भी मुख्यधारा में लौट रहे हैं।
- रणनीतिक बढ़त: इसे छत्तीसगढ़ सरकार और सुरक्षा बलों की अब तक की सबसे बड़ी सफलता माना जा रहा है।
Chhattisgarh Naxalism Latest News , रायपुर — छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद की कमर टूट गई है। खूंखार नक्सल कमांडर पापाराव ने हथियार डालने का फैसला किया है। वह आज अपने 12 वफादार लड़ाकों के साथ सरेंडर करने जा रहा है। सुरक्षा बलों ने लंबे समय से पापाराव को घेरने का जाल बुना था, लेकिन उसने खुद ही सरेंडर कर सबको चौंका दिया। यह घटनाक्रम बस्तर और आसपास के इलाकों में नक्सली नेटवर्क को पूरी तरह ध्वस्त कर सकता है।
पापाराव का गिरना: नक्सल संगठन को लगा करारा झटका
पापाराव केवल एक नाम नहीं, बल्कि नक्सल संगठन का वह दिमाग था जो कई बड़े हमलों की साजिश रचता था। उसके आत्मसमर्पण से न केवल संगठन के कैडर में डर फैलेगा, बल्कि खुफिया जानकारी का खजाना भी सुरक्षा बलों के हाथ लगेगा। आज होने वाले इस सरेंडर के लिए रायपुर में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं।
- मुख्य आरोपी: पापाराव (शीर्ष नक्सल लीडर)।
- कुल सरेंडर: 13 (पापाराव + 12 साथी)।
- लोकेशन: रायपुर, छत्तीसगढ़।
पुलिस अधिकारियों का मानना है कि पापाराव का सरेंडर करना यह साफ करता है कि नक्सल विचारधारा अब अपने अंत की ओर है। सरकार की नई सरेंडर नीति और जंगलों में बढ़ते दबाव ने बड़े लीडरों को भी पीछे हटने पर मजबूर कर दिया है।
“पापाराव का सरेंडर करना नक्सल आंदोलन के ताबूत में आखिरी कील साबित होगा। उसके साथ आए 12 साथी भी महत्वपूर्ण पदों पर थे। यह हमारी रणनीति की जीत है। हम अन्य नक्सलियों से भी अपील करते हैं कि वे हिंसा का रास्ता छोड़ मुख्यधारा में शामिल हों।”
— वरिष्ठ पुलिस अधिकारी, एंटी-नक्सल ऑपरेशन



