बेगूसराय — मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की ‘समृद्धि यात्रा’ के दौरान शनिवार को उस वक्त अफरा-तफरी मच गई, जब एक बेकाबू बैल ने हाई-प्रोफाइल सुरक्षा घेरे को ध्वस्त कर दिया। बियडा कैंपस में बने हेलीपैड पर सीएम के आगमन से चंद मिनट पहले यह “अनचाहा खिलाड़ी” मैदान में घुसा और वहां तैनात पुलिसकर्मियों पर चार्ज कर दिया। स्थिति इतनी हास्यास्पद और गंभीर हो गई कि पुलिसकर्मियों को पिच छोड़कर पास खड़ी फायर ब्रिगेड की गाड़ियों पर चढ़ना पड़ा।
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सुरक्षा घेरा ध्वस्त: जब खाकी पर भारी पड़ा बैल
जैसे ही मुख्यमंत्री का काफिला नजदीक आने वाला था, सुरक्षा के चाक-चौबंद दावों की पोल खुल गई। बिना किसी निमंत्रण के हेलीपैड एरिया में घुसे बैल ने ‘फुल-बैक’ की तरह पुलिसकर्मियों को दौड़ाना शुरू किया। 2005 से ‘कानून का राज’ होने का दावा करने वाली सरकार की पुलिस अपनी ही सुरक्षा के लिए संघर्ष करती नजर आई। काफी मशक्कत के बाद जब बैल को मैदान से बाहर खदेड़ा गया, तब जाकर वीवीआईपी प्रोटोकॉल दोबारा बहाल हो सका।
सुरक्षा में हुई इस सेंध के बावजूद मुख्यमंत्री ने मंच संभाला और विकास का स्कोरबोर्ड सामने रखा। उन्होंने बेगूसराय के लिए 274 करोड़ रुपये की योजनाओं का शिलान्यास और उद्घाटन किया। सभा को संबोधित करते हुए नीतीश कुमार ने विपक्ष पर तीखे प्रहार किए।
“हमारी सरकार आपके लिए लगातार काम कर रही है। केंद्र से भी पूरा सपोर्ट मिल रहा है। 2005 में जब एनडीए की सरकार बनी, तब से हमने बिहार में कानून का राज स्थापित किया है। पहले लोग शाम को बाहर निकलने से डरते थे।”
— नीतीश कुमार, मुख्यमंत्री, बिहार
यह घटना सिर्फ एक ‘कॉमेडी ऑफ एरर्स’ नहीं है, बल्कि वीवीआईपी सुरक्षा प्रोटोकॉल में एक बड़ा ‘गैप’ है। जब डीआईजी और एसपी स्तर के अधिकारी सीधे निगरानी में होते हैं, तब एक जानवर का नो-फ्लाई ज़ोन या सुरक्षित जोन में घुसना गंभीर लापरवाही की ओर इशारा करता है। इससे पहले भी राजगीर में लैंडिंग के दौरान टीन शेड उड़ने जैसी घटनाएं सुरक्षा ऑडिट की जरूरत को पुख्ता करती हैं।



