CRPF officer fraud रायपुर | राजधानी रायपुर में ठगों ने एक बार फिर सरकारी अफसर बनकर साइबर ठगी की बड़ी वारदात को अंजाम दिया है। इस बार ठगों ने खुद को सीआरपीएफ का अफसर बताकर एक होमियोपैथिक डॉक्टर को झांसे में लिया और इलाज व मेडिकल बिल भुगतान के नाम पर उनके बैंक खाते से करीब 4 लाख रुपये उड़ा लिए। इस घटना से न केवल पीड़ित डॉक्टर सकते में हैं, बल्कि शहर में सक्रिय साइबर ठगों की चालाकी भी उजागर हुई है।
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इलाज के नाम पर रची गई ठगी की साजिश
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, न्यू पुरैना स्थित मारुति रेसिडेंसी में रहने वाले डॉ. शिवकुमार सिंह, जो कालीबाड़ी इलाके में होमियोपैथिक क्लिनिक संचालित करते हैं, को 29 नवंबर को एक अनजान मोबाइल नंबर से कॉल आया। फोन करने वाले व्यक्ति ने खुद को सीआरपीएफ का वरिष्ठ अफसर बताया। कॉल करने वाले ने कहा कि सीआरपीएफ कैंप के करीब 35 जवानों और मरीजों की मेडिकल जांच और इलाज कराना है, जिसके लिए डॉक्टर को सरकारी भुगतान किया जाएगा। ठग ने विश्वास दिलाया कि इलाज का पूरा बिल सरकार की ओर से दिया जाएगा।
सरकारी भुगतान का झांसा देकर ली बैंक डिटेल
इलाज के नाम पर भरोसा जीतने के बाद ठग ने डॉक्टर से कहा कि सरकारी खाते से भुगतान के लिए उनके बैंक अकाउंट का वैलीडेशन जरूरी है। इसी बहाने उसने डॉक्टर से बैंक से जुड़ी अहम जानकारियां, पासवर्ड और ओटीपी जैसी गोपनीय जानकारी हासिल कर ली। जैसे ही जानकारी मिली, ठगों ने डॉक्टर के दो अलग-अलग बैंक खातों से कुल करीब 4 लाख रुपये निकालकर दूसरे खातों में ट्रांसफर कर दिए।
समझ आने पर तुरंत ब्लॉक कराया अकाउंट
डॉ. शिवकुमार सिंह को जब अपने बैंक खाते से पैसे कटने का मैसेज मिला तो उन्हें ठगी का अहसास हुआ। उन्होंने तुरंत सक्रियता दिखाते हुए करीब पांच घंटे के भीतर अपना बैंक अकाउंट ब्लॉक करा दिया और संबंधित बैंक शाखा व साइबर सेल से संपर्क किया।


