DGP-IG Conference , रायपुर। नवा रायपुर स्थित इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट (IIM Raipur) में चल रहे 60वें अखिल भारतीय सम्मेलन का आज तीसरा और अंतिम दिन है। इस महत्वपूर्ण राष्ट्रीय आयोजन में देशभर से आए वरिष्ठ अधिकारी, विशेषज्ञ और विभिन्न विभागों के प्रतिनिधि शामिल हैं। अंतिम दिन का कार्यक्रम बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी स्वयं सम्मेलन की अध्यक्षता कर रहे हैं।
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सुबह प्रधानमंत्री ने अपने निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार 6 से 6:30 बजे तक योग सत्र में भाग लिया, जिसमें उनके साथ उपस्थित कुछ चुनिंदा अधिकारी भी शामिल रहे। पीएम मोदी के इस योग सत्र से उद्घाटन होते ही आज का दिन ऊर्जावान माहौल में शुरू हुआ।
इसके बाद सुबह 8:30 बजे सभी अधिकारियों के साथ एक विशेष फोटो सेशन आयोजित किया जाएगा। यह समूह फोटो परंपरागत रूप से सम्मेलन के दस्तावेज़ों और रिपोर्ट्स का हिस्सा रहती है, जिसे इस बार भी विशेष महत्व दिया जा रहा है।
करीब 9 बजे प्रधानमंत्री वरिष्ठ अधिकारियों के साथ ब्रेकफास्ट मीटिंग करेंगे। यह बैठक अनौपचारिक चर्चा के लिए जानी जाती है, जिसमें नीतिगत मुद्दों से लेकर प्रशासनिक सुधारों तक के विषयों पर संवाद होता है। माना जा रहा है कि इस बैठक में केंद्र सरकार की प्रमुख योजनाओं के जमीन पर क्रियान्वयन, तकनीकी नवाचार और शासन की पारदर्शिता पर जोर दिया जा सकता है।
लगभग 10 बजे से सम्मेलन की अंतिम बैठकों का औपचारिक सत्र शुरू होगा। प्रधानमंत्री की अध्यक्षता में होने वाली इन बैठकों में राष्ट्रीय सुरक्षा, प्रशासनिक सुधार, डिजिटलीकरण, कानून-व्यवस्था, और मानव संसाधन क्षेत्र की चुनौतियों पर चर्चा की उम्मीद है। साथ ही विभिन्न राज्यों से जुड़े अनुभवों और मॉडलों को भी साझा किया जाएगा, जिन्हें देशभर में लागू करने की संभावनाओं पर विचार होगा।
सम्मेलन का तीसरा दिन होने के कारण कई महत्वपूर्ण निर्णयों और सिफारिशों को अंतिम स्वरूप देने की संभावना है। IIM रायपुर परिसर में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं, और पूरा क्षेत्र हाई अलर्ट मोड में है।
अधिकारियों के अनुसार सम्मेलन के समापन पर प्रधानमंत्री कुछ महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश जारी कर सकते हैं, जो आने वाले महीनों में देश की प्रशासनिक नीति पर दीर्घकालिक प्रभाव डालेंगे।
नवा रायपुर में जारी यह तीन दिवसीय सम्मेलन देश के प्रशासनिक इतिहास में एक महत्वपूर्ण पड़ाव माना जा रहा है, जहां केंद्र और राज्यों के शीर्ष अधिकारी एक मंच पर आकर राष्ट्रीय विकास की दिशा तय कर रहे हैं।


