नई दिल्ली: Donald Trump AI Chatbot: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मंगलवार को America.gov वेबसाइट लॉन्च की, जिसमें आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) से लैस चैटबॉट भी शामिल है। इसका उद्देश्य लोगों को सरकारी जानकारी और सेवाओं तक आसान पहुंच उपलब्ध कराना है। हालांकि, लॉन्च के दौरान चैटबॉट के कुछ जवाब ट्रंप के सार्वजनिक दावों से अलग नजर आए।
2020 चुनाव पर चैटबॉट ने क्या कहा?
America.gov के AI चैटबॉट से 2020 के राष्ट्रपति चुनाव को लेकर सवाल किया गया। जवाब में उसने कहा कि आधिकारिक संघीय स्रोतों में ऐसा कोई प्रमाण नहीं है कि बड़े पैमाने पर हुई धोखाधड़ी ने चुनाव के नतीजे को बदल दिया था। साथ ही, चैटबॉट ने चुनाव से जुड़े कुछ अलग-अलग अपराधों और उन पर हुई कार्रवाई का भी उल्लेख किया।
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, लॉन्च के शुरुआती समय में चैटबॉट ने कई राजनीतिक सवालों के सीधे जवाब दिए। हालांकि, कुछ समय बाद वेबसाइट ने कुछ राजनीतिक सवालों के जवाब देना बंद कर दिया और ऐसे सवालों पर प्रतिक्रिया दी कि वह राजनीतिक विषयों पर जवाब नहीं देता।
क्या 2028 में चुनाव लड़ सकते हैं ट्रंप?
चैटबॉट से यह भी पूछा गया कि क्या डोनाल्ड ट्रंप 2028 में राष्ट्रपति चुनाव लड़ सकते हैं। जवाब में अमेरिकी संविधान के 22वें संशोधन का हवाला दिया गया। चैटबॉट ने कहा कि कोई व्यक्ति दो बार से ज्यादा राष्ट्रपति निर्वाचित नहीं हो सकता और ट्रंप 2016 तथा 2024 में दो बार निर्वाचित हो चुके हैं। साथ ही, उसने स्पष्ट किया कि यह कानूनी सलाह नहीं है।
पेंटागन को लेकर भी आया अलग जवाब
चैटबॉट ने पेंटागन को डिपार्टमेंट ऑफ डिफेंस यानी रक्षा विभाग का मुख्यालय बताया। रिपोर्ट के मुताबिक, यह जवाब ट्रंप की उस पहल से अलग था, जिसके तहत रक्षा विभाग का नाम बदलकर डिपार्टमेंट ऑफ वार करने की दिशा में कदम उठाया गया है।
राष्ट्रपति की सैलरी पर भी अलग जानकारी
राष्ट्रपति के वेतन से जुड़े सवाल पर भी चैटबॉट ने ट्रंप के एक दावे से अलग जानकारी दी। ट्रंप ने कहा था कि वह वेतन छोड़ने वाले पहले अमेरिकी राष्ट्रपति हैं। इसके विपरीत, चैटबॉट ने जॉर्ज वॉशिंगटन, हर्बर्ट हूवर और जॉन एफ. कैनेडी का नाम उन राष्ट्रपतियों में बताया, जिन्होंने उनसे पहले राष्ट्रपति का वेतन लेने से इनकार किया था।
कुल मिलाकर, America.gov के AI चैटबॉट के शुरुआती जवाबों में 2020 चुनाव, 2028 की संभावित उम्मीदवारी, पेंटागन और राष्ट्रपति के वेतन जैसे मुद्दों पर ट्रंप के सार्वजनिक दावों से अलग जानकारी सामने आई। बाद में कुछ राजनीतिक सवालों पर चैटबॉट के जवाबों में बदलाव भी देखा गया।


