नई दिल्ली। Donald Trump एक बार फिर भारत-पाकिस्तान के बीच हुए संघर्ष विराम का श्रेय खुद को देते नजर आए। वॉशिंगटन में आयोजित एक बैठक के दौरान उन्होंने पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ को खड़ा कर भारत-पाक तनाव कम होने का जिक्र किया और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की भी तारीफ की।
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यह कार्यक्रम वॉशिंगटन में आयोजित हुआ था, जहां ट्रंप ने दावा किया कि उन्होंने दोनों देशों के बीच मध्यस्थता कर सैन्य टकराव रुकवाया। उन्होंने कहा कि अगर समझौता नहीं होता तो वह दोनों देशों के साथ व्यापार समझौते रोक देते और टैरिफ बढ़ा देते।
Trump to Pak PM- Stand up
Shahbaz Sharif immediately stands up 🤣🤣pic.twitter.com/YwMljX6gsF
— Frontalforce 🇮🇳 (@FrontalForce) February 20, 2026
शहबाज शरीफ को खड़ा कर जताया धन्यवाद
सभा के दौरान ट्रंप ने शरीफ से कहा कि भारत और पाकिस्तान के बीच संघर्ष रुकवाना बड़ा मामला था और उन्हें खड़े होकर धन्यवाद देना चाहिए। ट्रंप ने यह भी कहा कि पाकिस्तान की ओर से उन्हें बताया गया कि युद्धविराम से लाखों लोगों की जान बची।
शरीफ ने भी अपने संबोधन में तनावपूर्ण हालात का जिक्र करते हुए ट्रंप को धन्यवाद दिया और कहा कि उस समय स्थिति बेहद संवेदनशील थी।
भारत ने फिर खारिज किया मध्यस्थता का दावा
हालांकि भारत लगातार इस बात से इनकार करता रहा है कि किसी तीसरे देश ने संघर्ष विराम में भूमिका निभाई। भारत का कहना है कि पाकिस्तान के साथ युद्धविराम का निर्णय दोनों देशों की सेनाओं के बीच सीधे सैन्य स्तर की बातचीत के बाद लिया गया था।
नई दिल्ली पहले भी स्पष्ट कर चुकी है कि किसी भी प्रकार की बाहरी मध्यस्थता स्वीकार नहीं की गई थी और निर्णय द्विपक्षीय बातचीत से हुआ।
ट्रंप का बार-बार दावा
ट्रंप पहले भी कई बार यह कह चुके हैं कि उन्होंने दोनों देशों को फोन कर समझौते के लिए दबाव बनाया। उनका कहना है कि उन्होंने व्यापार और टैरिफ नीति को भी दबाव के तौर पर इस्तेमाल किया, जिसके बाद समझौता संभव हुआ।
वहीं भारत का आधिकारिक रुख अब भी यही है कि संघर्ष विराम पूरी तरह द्विपक्षीय प्रक्रिया का परिणाम था और इसमें किसी बाहरी मध्यस्थ की भूमिका नहीं रही।


