DSP Kalpana Verma Case : रायपुर: छत्तीसगढ़ पुलिस महकमे में उस वक्त हड़कंप मच गया जब रायपुर के एक प्रतिष्ठित होटल कारोबारी दीपक टंडन ने महिला डीएसपी (DSP) कल्पना वर्मा और उनके परिजनों के खिलाफ गंभीर आरोपों की झड़ी लगा दी। इस मामले में अब नया मोड़ आया है, जहां पुलिस के आला अधिकारियों तक लिखित शिकायत पहुँचने के बाद महिला डीएसपी से एसएसपी (SSP) दफ्तर में करीब चार घंटे तक कड़ी पूछताछ की गई है।
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महादेव सट्टा एप और ब्लैकमेलिंग का आरोप
होटल कारोबारी दीपक टंडन ने डीजीपी अरुणदेव गौतम और आईजी अमरेश मिश्रा को सौंपे गए अपने शिकायत पत्र में चौंकाने वाले खुलासे किए हैं। टंडन का आरोप है कि डीएसपी कल्पना वर्मा ने उन पर महादेव सट्टा एप का पैनल दंतेवाड़ा में संचालित करने के लिए भारी दबाव बनाया था। जब उन्होंने इस अवैध काम से इनकार किया, तो उनके बीच संबंध खराब होने लगे। दीपक का दावा है कि उनके पास इस बातचीत के पुख्ता मोबाइल चैट सबूत के तौर पर मौजूद हैं।
2 करोड़ का नुकसान और बेनामी संपत्ति का खेल
शिकायत के अनुसार, दीपक टंडन पिछले पांच वर्षों से डीएसपी कल्पना वर्मा के संपर्क में थे। उन्होंने आरोप लगाया कि:
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आर्थिक नुकसान: डीएसपी और उनके परिवार ने धोखाधड़ी के जरिए उन्हें लगभग 2 करोड़ रुपये से अधिक का चूना लगाया।
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होटल पर कब्जा: वीआईपी रोड स्थित ‘होटल एटमॉसफेरिया’ (Hotel Atmospheria) को साजिश रचकर गैर-कानूनी तरीके से अपने नाम रजिस्टर्ड करा लिया गया, जबकि दीपक ने इसके लिए 30 लाख रुपये का भुगतान आरटीजीएस के जरिए किया था।
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बैंक ट्रांजैक्शन: डीएसपी ने अपने पद का दुरुपयोग करते हुए अपने पिता हेमंत वर्मा और भाई राकेश वर्मा के खातों में नियमित रूप से लाखों का लेनदेन करवाया।
“जान को खतरा और परिवार में दहशत”
दीपक टंडन ने पत्र में भावुक होते हुए लिखा है कि मतभेद बढ़ने के बाद डीएसपी ने उन्हें ब्लैकमेल करना शुरू कर दिया। उन पर अपनी पत्नी को तलाक देने का दबाव बनाया गया और इनकार करने पर फर्जी मुकदमों में जेल भेजने की धमकी दी गई। इतना ही नहीं, उनकी पत्नी के नाम पर रजिस्टर्ड ‘हाइराइडर’ वाहन को भी डीएसपी ने अपने कब्जे में रखा हुआ है। कारोबारी ने अब अपनी और अपने परिवार की जान को खतरा बताते हुए सुरक्षा की गुहार लगाई है।
जांच के घेरे में डीएसपी
इस हाई-प्रोफाइल मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस प्रशासन एक्शन मोड में है। एसएसपी दफ्तर में महिला डीएसपी से हुई 4 घंटे की पूछताछ इस बात का संकेत है कि विभाग इस मामले की तह तक जाने की कोशिश कर रहा है। यदि आरोप सही पाए जाते हैं, तो छत्तीसगढ़ पुलिस की छवि पर इसका गहरा असर पड़ सकता है।


