Employees Transfer Ban in CG : रायपुर, 29 अप्रैल 2026: छत्तीसगढ़ सरकार ने प्रदेश के प्रशासनिक गलियारे में एक बड़ा फैसला लेते हुए सभी अधिकारियों और कर्मचारियों के तबादलों पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी है। यह आदेश विशेष रूप से उन कर्मियों पर लागू होगा जिन्हें आगामी जनगणना 2027 के महत्वपूर्ण कार्य में तैनात किया गया है। राज्य सरकार का यह कदम जनगणना की प्रक्रिया को निर्बाध और त्रुटिहीन तरीके से संपन्न कराने के लिए उठाया गया है।
क्यों लगी तबादलों पर रोक?
केंद्र की मोदी सरकार द्वारा घोषित भारत की 16वीं जनगणना (आजादी के बाद की 8वीं) की शुरुआत छत्तीसगढ़ में हो चुकी है। चूंकि जनगणना एक विशाल और समयबद्ध प्रक्रिया है, इसलिए इसमें लगे फील्ड स्टाफ और पर्यवेक्षकों का बीच में तबादला होने से डेटा संकलन में बाधा आ सकती है।
मई महीने में शुरू होगा ‘हाउस लिस्टिंग’ का काम
जनगणना का पहला चरण 1 मई से 30 मई 2026 तक चलेगा। इस दौरान सर्वेयर और प्रगणक (Enumerators) घर-घर जाकर जानकारी एकत्र करेंगे।
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क्या होगा सर्वे में? मकानों की सूची तैयार करना, घरों की स्थिति और वहां उपलब्ध बुनियादी सुविधाओं का डेटा डिजिटल ऐप के माध्यम से दर्ज किया जाएगा।
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डिजिटल जनगणना: यह देश की पहली पूर्णतः डिजिटल जनगणना होगी, जिसमें नागरिकों को ‘सेल्फ एन्यूमरेशन’ (स्वयं जानकारी भरने) का विकल्प भी दिया गया है।
1 करोड़ की आबादी तक पहुँचने का लक्ष्य
छत्तीसगढ़ के सभी 33 जिलों और लगभग 20 हजार गांवों में इस अभियान को सफल बनाने के लिए जिला कलेक्टरों को ‘प्रमुख जनगणना अधिकारी’ नियुक्त किया गया है। सरकार का मानना है कि जनगणना के आंकड़ों के आधार पर ही भविष्य की जनकल्याणकारी योजनाओं और परिसीमन की रूपरेखा तय होगी, इसलिए इसमें किसी भी प्रकार की प्रशासनिक ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी।


