LIVE : नई दिल्ली। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने आज संसद में अपना लगातार नौवां बजट पेश कर इतिहास रच दिया। वित्त वर्ष 2026-27 के लिए पेश इस बजट को उन्होंने ‘युवाशक्ति’ को समर्पित किया। वित्त मंत्री ने कहा कि यह बजट तीन मुख्य कर्तव्यों (Kartavya) पर आधारित है: आर्थिक विकास को गति देना, नागरिकों की आकांक्षाओं को पूरा करना और संसाधनों तक सबकी पहुंच सुनिश्चित करना।
Salman Khan : सलमान खान ने कहा “कर्नल हूं भैया”, Galwan एक्सप्रेशन पर हटाया तंज
1. शहरों का कायाकल्प: 12.2 लाख करोड़ का निवेश
सरकार ने इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट को अपनी सबसे बड़ी प्राथमिकता बताया है।
-
पूंजीगत व्यय (Capex): वित्त वर्ष 2026-27 के लिए इसे बढ़ाकर 12.2 लाख करोड़ रुपये कर दिया गया है, जो पिछले बजट से 9% अधिक है।
-
टियर-2 और टियर-3 शहरों पर फोकस: 5 लाख से अधिक आबादी वाले शहरों को ‘ग्रोथ हब’ के रूप में विकसित किया जाएगा। इसके लिए 1 लाख करोड़ रुपये का अर्बन चैलेंज फंड बनाया गया है।
2. भारत बनेगा ‘मेडिकल टूरिज्म हब’
स्वास्थ्य क्षेत्र को लेकर वित्त मंत्री ने कई दूरगामी घोषणाएं कीं:
-
मेडिकल हब: देश में 5 क्षेत्रीय मेडिकल हब स्थापित किए जाएंगे, जिनका उद्देश्य भारत को दुनिया का पसंदीदा चिकित्सा पर्यटन केंद्र बनाना है।
-
मेडिकल सीटें: अगले वित्त वर्ष में 10,000 नई मेडिकल सीटें जोड़ी जाएंगी। लक्ष्य अगले 5 वर्षों में कुल 75,000 सीटें बढ़ाना है।
-
सस्ता इलाज: कैंसर और डायबिटीज जैसी गंभीर बीमारियों की दवाएं सस्ती करने के लिए सीमा शुल्क (Customs Duty) में कटौती की गई है।
3. ‘रिफॉर्म एक्सप्रेस’ और युवा शक्ति
वित्त मंत्री ने अपने भाषण में जोर दिया कि भारत की विकास यात्रा अब “रिफॉर्म एक्सप्रेस” पर सवार है।
-
रोजगार और कौशल: युवाओं के लिए 10,000 टेक फेलोशिप (IIT और IISc में) और स्कूलों में 50,000 नई अटल टिंकरिंग लैब्स की घोषणा की गई है।
-
MSME को सहारा: छोटे उद्योगों के लिए 10,000 करोड़ रुपये का ग्रोथ फंड और 2,000 करोड़ का सेल्फ रिलायंट इंडिया फंड प्रस्तावित है।
4. मध्यम वर्ग को राहत: टैक्स में बदलाव
बजट में मध्यम वर्ग और वेतनभोगी वर्ग के लिए बड़ी राहत की घोषणा की गई है:
-
नई टैक्स व्यवस्था: अब नई इनकम टैक्स रिजीम के तहत 12 लाख रुपये तक की सालाना आय पर कोई टैक्स नहीं लगेगा।
-
पेंशन और मानक कटौती: वरिष्ठ नागरिकों के लिए टैक्स छूट की सीमा को बढ़ाकर 1 लाख रुपये कर दिया गया है।
5. पर्यटन और कनेक्टिविटी
-
हाई-स्पीड रेल: दिल्ली-वाराणसी समेत 7 नए हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर बनाने का ऐलान।
-
टूरिज्म: समुद्री पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए ओडिशा के तटों पर टर्टल ट्रेल्स और उत्तराखंड-जम्मू कश्मीर में माउंटेन ट्रेकिंग ट्रेल्स विकसित किए जाएंगे।


