बलरामपुर जिले के रघुनाथनगर वन परिक्षेत्र अंतर्गत पंडरी गांव में वन भूमि से अतिक्रमण हटाने के दौरान बड़ा विवाद खड़ा हो गया। अतिक्रमण हटाने पहुंची वन विभाग की टीम और ग्रामीणों के बीच तीखी झड़प हो गई, जो देखते ही देखते मारपीट और हंगामे में बदल गई। घटना के बाद क्षेत्र में तनाव का माहौल बन गया है।
जानकारी के अनुसार, वन विभाग का अमला वन भूमि से अवैध कब्जा हटाने की कार्रवाई कर रहा था। इसी दौरान ग्रामीणों ने कार्रवाई का विरोध शुरू कर दिया। विरोध बढ़ने पर दोनों पक्षों के बीच धक्का-मुक्की और झड़प हुई, जिसमें वन विभाग के कुछ कर्मचारियों के साथ अभद्रता और मारपीट के आरोप लगाए गए हैं। इस पूरी घटना का वीडियो भी सामने आया है, जो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।
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मामले के तूल पकड़ने के बाद वन विभाग के उच्च अधिकारी भी सामने आए हैं। वन मंडलाधिकारी (डीएफओ) आलोक बाजपेयी ने कहा कि वन भूमि से अतिक्रमण हटाना विभाग की कानूनी जिम्मेदारी है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि ड्यूटी के दौरान वन अधिकारियों और कर्मचारियों के साथ झड़प, मारपीट या अभद्र व्यवहार करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।
डीएफओ ने बताया कि घटना की पूरी जांच कराई जा रही है और जो भी लोग दोषी पाए जाएंगे, उनके खिलाफ वन अधिनियम सहित अन्य संबंधित धाराओं में सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। वहीं, प्रशासन की ओर से क्षेत्र में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए निगरानी बढ़ा दी गई है।


