Hardik Pandya Controversy— टी20 विश्व कप 2026 में भारतीय टीम की ऐतिहासिक जीत का जश्न अभी थमा भी नहीं था कि स्टार ऑलराउंडर हार्दिक पांड्या एक कानूनी पचड़े में फंसते नजर आ रहे हैं। पुणे के शिवाजी नगर पुलिस स्टेशन में एक स्थानीय वकील ने पांड्या के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई है। आरोप है कि जीत के बाद आयोजित विजय जुलूस और जश्न के दौरान पांड्या ने भारतीय राष्ट्रीय ध्वज (तिरंगे) का अनादर किया, जिससे नागरिकों की भावनाएं आहत हुई हैं।
Hardik Pandya Controversy: टी20 विश्व कप जीत के जश्न के बाद विवादों में हार्दिक पांड्या, पुणे में ‘तिरंगे’ के अपमान की शिकायत

पुणे के वकील ने दर्ज कराई शिकायत: क्या है पूरा मामला?
एडवोकेट वाजिद खान ने शिवाजी नगर पुलिस को दिए अपने आवेदन में दावा किया है कि हार्दिक पांड्या ने जश्न के उत्साह में तिरंगे को सही तरीके से नहीं संभाला। शिकायतकर्ता के अनुसार, सोशल मीडिया पर वायरल हो रही तस्वीरों और वीडियो में पांड्या को तिरंगे के साथ कथित तौर पर लापरवाही बरतते देखा गया, जो प्रतीक और नाम (अनुचित प्रयोग निवारण) अधिनियम, 1950 और राष्ट्रीय गौरव अपमान निवारण अधिनियम, 1971 का उल्लंघन है।
मुख्य बिंदु:
- शिकायत पुणे के शिवाजी नगर पुलिस स्टेशन में दी गई है।
- एडवोकेट वाजिद खान ने पांड्या के खिलाफ FIR दर्ज करने की मांग की है।
- आरोप है कि जश्न के दौरान तिरंगे की गरिमा का ध्यान नहीं रखा गया।
कानूनी विशेषज्ञों और पुलिस का रुख
“हमें एक आवेदन प्राप्त हुआ है जिसमें क्रिकेटर हार्दिक पांड्या पर राष्ट्रीय ध्वज के अपमान का आरोप लगाया गया है। हम वर्तमान में शिकायत में दिए गए तथ्यों और संबंधित वीडियो फुटेज की तकनीकी जांच कर रहे हैं। कानूनी राय लेने के बाद ही आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।”
— ड्यूटी ऑफिसर, शिवाजी नगर पुलिस स्टेशन, पुणे
आगे क्या होगा? पांड्या पर लग सकती हैं ये धाराएं
यदि पुलिस इस मामले में प्राथमिक जांच के बाद FIR दर्ज करती है, तो पांड्या को पूछताछ के लिए बुलाया जा सकता है। भारत में राष्ट्रीय ध्वज का अपमान एक गंभीर अपराध है। हालांकि, यह पहली बार नहीं है जब किसी क्रिकेटर पर ऐसे आरोप लगे हों; अक्सर सेलिब्रिटीज को राष्ट्रीय प्रतीकों के इस्तेमाल के दौरान तकनीकी गलतियों के कारण कानूनी नोटिस का सामना करना पड़ा है। स्थानीय प्रशासन और खेल जगत की नजरें अब पुणे पुलिस की अगली कार्रवाई पर टिकी हैं।


