अधिसूचना जारी, तारीखें साफ
रजिस्ट्रार जनरल की ओर से जारी आदेश ने पूरे न्यायिक सिस्टम की टाइमलाइन साफ कर दी है। गर्मी अपने चरम पर होगी—और इसी बीच अदालतों की रफ्तार थम जाएगी। फाइलें रुकेंगी, सुनवाई टलेगी, लेकिन जरूरी मामलों के लिए सीमित व्यवस्था जारी रह सकती है। कोर्ट के गलियारों में आम दिनों की हलचल की जगह सन्नाटा रहेगा। वकीलों के चैंबर बंद होंगे। स्टाफ सीमित रहेगा। हर साल की तरह इस बार भी ग्रीष्म अवकाश तय शेड्यूल पर ही लागू किया गया है।
क्या असर पड़ेगा?
लंबित मामलों की सुनवाई पर असर दिखना तय है। खासकर सिविल और रेगुलर मामलों में तारीखें आगे बढ़ेंगी। हालांकि, जरूरी और अर्जेंट मामलों के लिए वेकेशन बेंच काम करती रहती है।
- सामान्य सुनवाई पूरी तरह स्थगित
- अर्जेंट केसों के लिए विशेष व्यवस्था
- वकीलों और स्टाफ को राहत


