High Court’ बिलासपुर। आईपीएस अधिकारी रतनलाल डांगी से जुड़े मामले में छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने बुधवार को सुनवाई करते हुए पुलिस मुख्यालय रायपुर और गृह विभाग के सचिव से जवाब मांगा है। पीड़िता की शिकायत और उससे जुड़ी जांच प्रक्रिया को लेकर दायर रिट याचिका पर सुनवाई के दौरान अदालत ने मामले को गंभीर प्रकृति का माना। हाईकोर्ट ने संबंधित अधिकारियों को तत्काल जवाब प्रस्तुत करने का निर्देश दिया है।
पीड़िता की शिकायत और जांच को लेकर याचिका
मामले में पीड़िता की ओर से की गई शिकायत और उसके बाद अपनाई गई जांच प्रक्रिया को चुनौती देते हुए हाईकोर्ट में रिट याचिका दायर की गई है। याचिका में मामले की जांच और संबंधित कार्रवाई को लेकर सवाल उठाए गए हैं।
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बुधवार को हुई सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता की ओर से मामले से जुड़े तथ्यों और शिकायत की प्रक्रिया को अदालत के सामने रखा गया। कोर्ट ने प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए संबंधित विभागों से जवाब मांगना उचित माना।
पुलिस मुख्यालय और गृह विभाग को निर्देश
हाईकोर्ट ने पुलिस मुख्यालय, रायपुर और गृह विभाग के सचिव को मामले में अपना जवाब प्रस्तुत करने का निर्देश दिया है। अदालत यह जानना चाहती है कि शिकायत के बाद संबंधित स्तर पर क्या कार्रवाई की गई और जांच प्रक्रिया किस तरह आगे बढ़ाई गई।
अधिकारियों से मांगा गया जवाब मामले में आगे की सुनवाई के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। जवाब मिलने के बाद अदालत पूरे मामले से जुड़े तथ्यों और कानूनी पहलुओं पर आगे विचार कर सकती है।
मामले को गंभीर प्रकृति का माना
सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने प्रकरण की प्रकृति को गंभीर माना। हालांकि, अदालत ने अभी मामले के अंतिम गुण-दोष पर कोई निर्णय नहीं दिया है। फिलहाल संबंधित अधिकारियों से जवाब मांगा गया है।
आने वाली सुनवाई में पुलिस मुख्यालय और गृह विभाग की ओर से प्रस्तुत जवाब के आधार पर मामले की स्थिति स्पष्ट हो सकती है। इसके बाद अदालत आवश्यक दिशा-निर्देश जारी कर सकती है।
31 अगस्त वाले सप्ताह में होगी अगली सुनवाई
हाईकोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई 31 अगस्त 2026 वाले सप्ताह में निर्धारित की है। इस दौरान संबंधित विभागों की ओर से जवाब पेश किए जाने की उम्मीद है।
अगली सुनवाई में याचिकाकर्ता की ओर से भी जवाब पर अपना पक्ष रखा जा सकता है। इसके बाद अदालत मामले में आगे की कार्रवाई को लेकर निर्णय लेगी।


